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देश के 10 जू बनेंगे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के, नागपुर का गोरेवाड़ा हो सकता है शामिल

देश के 10 जू बनेंगे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के, नागपुर का गोरेवाड़ा हो सकता है शामिल

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  जल्द ही भारत में भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर के जू बनेंगे। सेंटर जू ऑथोरिटी ने करीब 10 जू को विकसित करने का विचार किया है। जिसके लिए 9 दिसंबर को दिल्ली में बैठक भी होनेवाली है। देशभर के 10 स्टेट जू ऑथोरिटी के सदस्य , सचिव यहां पहुंच कर अपने-अपने जू के बारे में जानकारी देनेवाले हैं। जिसके बाद  कौन से 10 जू को विकसित करना है इस  पर विचार किया जाएगा। महाराष्ट्र के पुणे, मुंबई या नागपुर के गोरेवाड़ा में एक जू को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जा सकता है।

विदेशी जू की बात करें तो यहां बिना जाली के मोटे ट्रान्सफर ग्लास में रखा जाता है। जिससे यहां आनेवाले सैलानियों को इन्हें देखने का मजा अलग ही होता है। इसके अलावा इन जू में हर वह सुविधा होती है जिसकी जरूरत वन्यजीवों को होती है। यहां सैलानियों को भी वन्यजीवों के साथ बहुत ज्यादा मजा करने का मौका मिलता है। फिलहाल भारत में इस तरह का जू नहीं है। लेकिन सेंटर जू ऑथोरिटी की ओर से जल्दी देश में ऐसे 10 जू का निर्माण किया जानेवाला है। जिसमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधा उपलब्ध होगी । वर्तमान स्थिति में देश में 10 जू स्टेट ऑथोरिटी है। जिसमें पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब व झारखंड शामिल है। इन सभी जू के सदस्य सचिव 9 दिसंबर को सेंटर ऑथोरिटी से मिलकर अपने-अपने राज्य में शामिल जू की विस्तारपूर्ण तरीके से जानकारी उपलब्ध करेंगे।

महाराष्ट्र की बात करें तो यहां नागपुर का महाराजबाग चिड़ियाघर, औरंगाबाद का सिध्दार्थ उद्यान एंड जू, सोलापुर का महात्मा गांधी राष्ट्रीय उद्यान, कोल्हापुर के महाराजा छत्रपति जू, पुणे का राजीव गांधी ज्यूलॉजिकल पार्क, मुंबई का बोरीवली नेशनल पार्क एंड जू आदि शामिल है। इनमें सबसे ज्यादा पुणे व मुंबई के जू बड़े हैं। जहां सैलानियों की संख्या भी बहुत ज्यादा रहती है। हालांकि नागपुर के गोरेवाड़ा में बन रहे जंगल सफारी में भी जू शामिल है। जिसे भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर के रूप में विकसित करने की संभावना है। फिलहाल कौन से जू को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकसित करेंगे यह साफ नहीं हो पाया है। इसी माह होनेवाली उपरोक्त बैठक के बाद अंतर्राष्ट्रीय जू के बारे में चित्र साफ हो सकेगा।

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