दैनिक भास्कर हिंदी: चंद्रपुर में 1.005 लाख बेरोजगार,  1770 सुशिक्षित व रजिस्टर्ड बेरोजगारों का प्रशिक्षण अधर में 

October 27th, 2018

डिजिटल डेस्क, चंद्रपुर। चंद्रपुर जिले के पंजीकृत व सुशिक्षित 1 लाख 573 बेरोजगारों की सुध लेने वाला कोई दिखाई नहीं देता। इन्हें प्रशिक्षण व कौशल्य का पाठ पढ़ाकर नौकरी व स्वयंरोजगार के काबिल बनाने हेतु तैयार किया गया महज 5 करोड़ का प्रस्ताव सरकार, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन के कारण बीते 4 माह से अधर में अटका हुआ है।

चंद्रपुर जिले में रोजगार पंजीयन कार्यालय में 100573  शिक्षित युवाओं के नाम दर्ज हैं। इसके अलावा ऐसे हजारों युवा हैं जो अपना नाम पंजीकृत नहीं करा पाते। वहीं पंजीकृत युवाओं को बरसों तक जब नौकरियां नहीं मिल पाती तो वे अपना नाम रिनिवल नहीं कराते। ऐसे में वे सूची से हट जाते हैं। इन सभी का दर्द समान है।
हां, मंजूरी में हो रही देरी  रोजगार पंजीयन व कौशल्य विकास कार्यालय की ओर से वर्ष 2018  के लिए 1770  उम्मीदवारों को प्रशिक्षण देने हेतु 5  करोड़ की योजना का प्रस्ताव तैयार किया। इसकी तकनीकी व प्रशासनीक मंजूरी के लिए मुंबई मंत्रालय को जुलाई माह में ही प्रस्ताव भेजा गया। परंतु इस प्रस्ताव को अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। मंजूरी मिलते ही जिला नियोजन बजट से निधि मिल जाएगी और प्रशिक्षण शुरू होगा।

निधि का रोना कब तक?
इसे विंडबना ही कहा जा सकता है कि जिस जिले की खनिज संपत्ति महाराष्ट्र में सर्वाधिक हैं, वहीं के पढ़े-लिखे बेरोजगारों को प्रशिक्षण देने के लिए सरकार के पास ध्यान देने के लिए न तो वक्त हैं और न ही 5  करोड़ की निधि उपलब्ध कराने की गंभीरता है। जबकि इस जिले में कोयला, बिजली, सीमेंट, चूना, लोह, वन के अलावा अनेक उद्योग हैं। यहां से करोड़ों की संपत्ति एवं राजस्व सरकार को साल दर साल प्राप्त हो रही है। हैरत की बात है कि आज भी जिले के एक लाख से अधिक सुशिक्षित बेरोजगार युवा नौकरियों की तलाश में हर दिन भटक रहे है। अनेक युवाओं को मजबूर होकर रोजगार के लिए गलत रास्तों का चयन करना पड़ रहा है। शराब बंदी की स्थिति में अवैध शराब के व्यवसाय में लिप्त होकर अनेक पढ़े-लिखे युवा अपने भविष्य को दांव पर लगा रहे है। यह हालात जिले के लिए बेहद चिंताजनक है।

इन प्रशिक्षणों से मिलती है मंजिल
जिले के रोजगार पंजीयन व कौशल्य विकास कार्यालय के माध्यम से प्रमोद महाजन कौशल्य विकास योजना एवं विविध योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से दिए जाने वाले प्रशिक्षण द्वारा बेरोजगार युवाओं को नौकरियां एवं खासकर स्वयंरोजगार के काबिल बनाने का प्रयास जारी है। प्रशिक्षण में ब्यूटी पार्लर, गार्मेंट, ज्वेलरी, हीरा तराशना, कृषिपूरक कौशल्य, बांस, इमारत निर्माण, प्लास्टिक प्रोसेसिंग, इलोक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल्स, मोटर ड्राइविंग आदि विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शकों द्वारा रोजगार के गुर सीखाएं जाते हैं।
-वी.जी.येरमे, सहायक संचालक, रोजगार पंजीयन व कौशल विकास, चंद्रपुर

खबरें और भी हैं...