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महाराष्ट्र में 799 ट्रेनों से भेजे गए 11 लाख 54 हजार प्रवासी 

महाराष्ट्र में 799 ट्रेनों से भेजे गए 11 लाख 54 हजार प्रवासी 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को सूचित किया है कि महाराष्ट्र से 31 मई 2020 तक 799 ट्रेन रवाना की गई है जिसमें 11 लाख 54 हजार प्रवासी श्रमिकों को उनके गांव भेजा गया है। सरकार की ओर से गांव जाने के इच्छुक प्रवासी मजदूरों के भोजन, दवा व उनके रुकने के लिए व्यवस्था की गई थी। पुलिस उपयुक्त (ऑपरेशन) प्रणय अशोक ने अदालत के निर्देश के तहत इस मामले को लेकर हलफनामा दायर किया है।  यह हलफनामा  सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका के जवाब में दायर किया गया है। याचिका में दावा किया गया है कि श्रमिक एक्सप्रेस से गांव जाने के इच्छुक मजदूरों को उनके आवेदन के विषय में जानकारी नहीं मिल रही है। जिससे उनकी परेशानी बढ़ रही है। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार को लॉकडाउन के चलते फंसे मजदूरों को गांव भेजने को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा था। 

हलफनामे के अनुसार प्रवासी मजदूरों के ट्रेन टिकट के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 97.68 करोड़ रुपए की निधि जारी की गई है। जिसे हर जिले के अधिकारी के बीच वितरित किया गया है। इस निधि से मजदूरों के रेलवे की टिकट के लिए भुगतान किया गया है। राज्य सरकार ने मजदूरों के किराए का वहन किया है। मजदूरों की सहायता के लिए राज्य आपदा निधि से भी 210.56 करोड़ रुपए की निधि आवंटित की गई हैं। सरकार की ओर से मजदूरों के लिए राहत शिविर भी बनाए गए हैं। जहां उनके, भोजन, रहने व दवा की व्यवस्था की गई है। मुंबई महानगरपालिका की ओर से जरूरतमंदो को 6 लाख 61 हजार 968 खाने के पैकेट बांटे गए हैं। 

हलफनामे के मुताबिक ट्रेन से गांव जाने के इच्छुक मजदूरों को पुलिस स्टेशन में आवेदन करने के लिए कहा गया था। आवेदन के साथ अपनी सेहत की जानकारी लिखना अनिवार्य किया गया था। इसके बाद मजदूरों की सूची को आगे की मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा जाता है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद रेलवे से ट्रेन के संबंध में अधिसूचना की प्रतीक्षा की जाती है। रेलवे की ओर से ट्रेन के जाने की तारीख व समय की जानकारी मिलने के बाद तुरंत इसकी जानकारी मजदूरों के ग्रुप लीडर को दी जाती है, जो मजदूरों को एकत्रित करता है। फिर उन्हें बस से रेलवे स्टेशन ले जाया जाता है। एक ट्रेन में 1200 से 1450 यात्री बैठाए जाते हैं। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने 5 जून को सुनवाई रखी है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।