पुरस्कार घोषित: अमरावती जिले के 12 किसान व कृषि विशेषज्ञ 21 को होंगे सम्मानित 

May 16th, 2022

डिजिटल डेस्क, अमरावती । राजीव गांधी कृषि विज्ञान प्रतिष्ठान अमरावती व किसान नेता प्रकाश साबले के प्रयास से पिछले 16 वर्षों से लगातार प्रयोगशील, प्रगतशील, कृषि वैज्ञानिक, महिला किसान, कृषि मित्र, कृषि अधिकारी, कृषि उद्योजक, किसान मित्र, कृषि पत्रकार व खेत मजदूर आदि विविध क्षेत्र के किसान व कृषि विशेषज्ञों को सम्मानित किया जाता है।   हर वर्ष 21 मई को राजीव गांधी कृषिरत्न पुरस्कार दिवंगत राजीव गांधी के स्मृति दिवस पर मंुबई में वितरित किया जाता है। राज्य स्तरीय राजीव गांधी कृषि रत्न पुरस्कार-2022 की घोषणा शुक्रवार 13 मई को की गई। पुरस्कार चयन समिति के अध्यक्ष व जीजामाता कृषि भूषण पुरस्कार प्राप्त महिला किसान पूर्णिमा सवई व राजीव गांधी कृषि विज्ञान प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रकाश साबले की प्रमुख उपस्थिति में यहां हुई बैठक में यह घोषणा की गई।

वर्ष 2022 में राजीव गांधी कृषिरत्न पुरस्कार तथा विशेष कृषि कार्य पुरस्कार के लिए अमरावती जिले से 12 किसानों का चयन किया गया। राजेंद्र नारायण जोशी (वलगांव, सोयाबीन उत्पादक किसान), किशोर विनायक मेटे (चांदुर बाजार, कृषि पत्रकारिता), अर्चना जयवंत सवई (उत्तमसरा, उतकृष्ट महिला कृषि उद्योजक), अभिषेक सुनील खेरड़े (धोतरखेड़ा, संतरा उत्पादक किसान), सुभाष हरिभाऊ राऊत (शिरजगांव मोझरी, खेत मजदूर), गौरव जायले (वाठोड़ा, महिला किसान), रमेश साखरकर (दिघी, देशी बीज बैंक के प्रणेता), नितीन मुले (वलगांव, संपादक, मैया यशोदा न्यूज चैनल), विपुल गजानन चौधरी (बोदड, संतरा उत्पादक किसान), विशाल उमेकर (वनारसी, उत्कृष्ट बैलजोड़ी मालिक किसान),  मिलिंद जिनदास बोदे (सावलापुर, सेंद्रीय खेती विशेषज्ञ), देवीदास रामभाऊ नेमाडे (अंजनगांवसुर्जी, कृषि प्रक्रिया उद्योग) आदि जिले के किसान व कृषि व्यवसाय से जुड़े मान्यवरों का पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। पुरस्कार की घोषणा करने हेतु आयोजित बैठक में किसान चयन समिति के सदस्य चंद्रकांत खोपड़े, जयसिंगराव देशमुख, भैयासाहब निचल, प्रा. दिलीप काले, अविनाश पांडे, प्रा. हेमंत डिके, प्रा. अमर तायडे, पुरुषोत्तम घोगरे, मिलिंद फालके, विलास सवाने, जावेद खान आदि उपस्थित थे। राज्य स्तरीय राजीव गांधी कृषि रत्न पुरस्कार के लिए समूचे राज्य से 184 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से 26 पुरस्कार प्राप्त किसान व कृषि विशेषज्ञों का चयन किया गया।