comScore

ग्रामीण क्षेत्रों का आहार खुद डकार रहे , स्वास्थ्य विभाग में 14 करोड़ का घोटाला

ग्रामीण क्षेत्रों का आहार खुद डकार रहे , स्वास्थ्य विभाग में 14 करोड़ का घोटाला

डिजिटल डेस्क,  नागपुर। स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2014 से 2018 तक आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्र में गरीबों को आहार देने के ठेकों में घोटाला किया गया था। इस मामले में दो बार बिल लगाकर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया गया। हैरानी की बात यह है कि 14 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में स्वास्थ्य विभाग के उपसंचालक डॉ.संजय जायसवाल ने रिपोर्ट में पुष्टि की। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। 

कुछ ऐसा है मामला
जानकारी के अनुसार, के स्वास्थ्य विभाग के अधीनस्थ चंद्रपुर जिला अस्पताल में वर्ष 2014-15 से लेकर वर्ष 2017-18 में आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्र में गरीबों को आहार देने के ठेके में करीब 10 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया था। हैरानी की बात यह है कि 4 करोड़ रुपए के बिल ऐसे थे, जिनमें दो बार भुगतान करवाया गया था। मामले की जांच नागपुर मंडल के उपसंचालक डॉ.संजय जायसवाल ने की। 282 पेज की रिपोर्ट में ध्यान में आया कि स्वास्थ्य विभाग के साथ 14 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई है।

घोटाले की रिपोर्ट सौंपने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि कार्रवाई करने के बाद अवगत करवाएं कि क्या कार्रवाई हुई है। इतना ही नहीं मामले की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद वरिष्ठ अधिकारी एक बार फिर जांच की बात कर रहे हैं, जबकि इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गोपनीय जांच की गई थी।

कार्रवाई न करने के पीछे ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि मामले में एक-दो नहीं, बल्कि कई सारे सिविल सर्जन के अलावा बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हैं। कई सिविल सर्जन और कर्मचारी तो सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं।   उल्लेखनीय है कि सरकार गरीब और जरूरतमंदों को उचित स्वास्थ्य सेवा समय पर उपलब्ध करवाने के लिए कई योजनाएं चला रही है लेकिन सरकारी बाशिंदे ही इन योजनाओं की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं।

कमेंट करें
ZrpjD