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नागपुर के 211 नदी व नाले साफ, कई नालेे अभी भी दुर्दशा में

नागपुर के 211 नदी व नाले साफ, कई नालेे अभी भी दुर्दशा में

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे का दावा है कि मानसून से पहले शहर के 227 में से 211 नदी व नाले साफ हो गए हैं। शेष नदी-नालों की सफाई का काम अंतिम चरण में है। आयुक्त के इस दावे की पड़ताल की गई तो शहर के कई नाले अभी भी कचरे और गंदगी से पटे दिखे। शहर के बीच से गुजरने वाली नाग नदी का कुछ हिस्सा और नाले जरूर साफ दिखे, लेकिन जो नजरों से छिपे रहते हैं उन नालों की दुर्दशा पर प्रशासन का ध्यान नहीं है। 

ऊर्जामंत्री डॉ. नितीन राऊत के शासकीय निवास विद्युत भवन से सटे नाले का बुरा हाल है। राजभवन से निकलने वाला पानी  सदर बिजली नगर स्थित इस नाले से होकर गुजरता है। यह पहले भी उपेक्षित था और आज भी उपेक्षित है। 
नागपुर विद्यापीठ के पीछे से गुजरने वाले नाले में जंगली झाड़ियां उग आई हैं। नाले के बीच कचरा ही कचरा दिखाई देता है। 

सदर पुलिस स्टेशन समीपस्थ बहने वाले नाले की भी यही स्थिति है। सिर्फ पानी बहने के लिए छोटी सी नाली रह गई है। आजू-बाजू में कचरा और झाड़ियों का जंगल है। 
साइंस इंस्टीट्यूट के पीछे से निकलने वाले नाले के किनारे मिट्टियों का ढेर लग गया है।  
एमएलए हॉस्टल के पीछे के नाले की भी यही स्थिति है। 

सबसे अहम बात...
नाग नदी पर जितना ध्यान दिया गया, उतना पीली नदी पर नहीं। पीली नदी में जगह-जगह कचरा पड़ा मिल जाता है। राजनगर का नाला भी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। खासकर यह स्थिति सिविल लाइन्स के आसपास के नालों की है। अनुमान लगाया जा सकता है कि शहर के उपेक्षित हिस्सों में और क्या स्थिति होगी। 

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