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महाराष्ट्र में 27,577 उद्योग पड़े बंद,नियोजन नहीं कर पा रही सरकार-मुनगंटीवार

महाराष्ट्र में 27,577 उद्योग पड़े बंद,नियोजन नहीं कर पा रही सरकार-मुनगंटीवार

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  कोरोना संकट में राज्य सरकार की उपाय योजनाओं पर पूर्व वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि जिस सरकार के पास नियोजन नहीं है, उससे अधिक राहत की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। केंद्र सरकार ने राज्य को विविध राहत व विकास कार्यों के लिए 28 हजार करोड़ रुपए दिए हैं। उनमें से 1611 करोड़ रुपए का तो सरकार नियोजन ही नहीं कर पाई है। राज्य में 27,577 उद्योग अब भी बंद हैं। उद्योगों से केंद्र सरकार को जीएसटी मिलता है। राज्य का जीएसटी में योगदान ही कम हो, तो केंद्र से अधिक जीएसटी सहायता की अपेक्षा कैसे की जा सकती है। राज्य सरकार की कार्यशैली पर मुनगंटीवार ने कहा कि रोने वाले नहीं, लड़ने वाले चाहिए। केंद्र सरकार विविध चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर रही है। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पत्रकार वार्ता में वे बोल रहे थे। 

23.29 लाख लोग बेरोजगार

मुनगंटीवार ने केंद्र सरकार की राहत योजनाओं से राज्य को मिलने वाले लाभ की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश में केंद्र की सहायता योजना के नियोजन के लिए 5 मंत्रियों की कमेटी बनाई गई है, जबकि राज्य में एक अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। राज्य की आर्थिक स्थिति अच्छी रही है। अब भी 1 लाख 65 हजार करोड़ का कर्ज लेने की क्षमता है। 1 लाख करोड़ की एफडी है। मुंबई मनपा के पास 56 हजार करोड़ रुपए हैं, लेकिन सरकार कोई नियोजन नहीं कर पा रही है। फैक्ट्री एक्ट 1995 के तहत राज्य में 36,623 उद्योग पंजीकृत हैं। इनमें 27,577 उद्योग बंद हैं। 23 लाख 29 हजार कामगारों के पास काम नहीं है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कामगारों को उनके घरों तक ले जाने संबंधी जीआर को ही बदल दिया। सौ फीसदी एफडीआई का असर यहां के उद्योगों पर नहीं पड़ने वाला है। विदेशी निवेश बढ़ेगा, लेकिन स्थानीय उद्यमियों को भी आधार मिलेगा। 


 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।