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70 दिन से विदेश में फंसे नागपुर के 3 व्यापारी, परेशान है परिवार

70 दिन से विदेश में फंसे नागपुर के 3 व्यापारी, परेशान है परिवार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। व्यापार की संभावनाएं तलाशने अफ्रीकी देश जाम्बिया गए नागपुर के बजरिया निवासी संदीप जायसवाल, श्यामसुंदर जायसवाल और रामदासपेठ निवासी संजय तारेकर कोरोना के कारण जारी विश्वव्यापी लॉकडाउन के कारण 70 दिन से फंसे हैं। हालांकि नागपुर के तीनों व्यापारी ही नहीं, महाराष्ट्र के लगभग 250 लोग वहां फंसे हैं। नागपुर के व्यापारियों ने भारतीय नागरिकों के अपने देश वापस लौटने के मामले में पहल करते हुए भारत सरकार को पत्र लिखा है। इस पत्र में वहां फंसे 193 लोगों की सूची भी भेजी है। सूची में भारतीयों के नाम व पासपोर्ट संख्या दर्ज है। पत्र भेजने वाले ने संदीप जायसवाल ने बताया कि सभी स्वदेश वापस लौटना चाहते हैं।

 ज़ाम्बिया की राजधानी लुसाका स्थित भारतीय दूतावास की मदद मिली, तो  भारत सरकार की ओर से उन्हें चार्टर्ड प्लेन की व्यवस्था करके वापस आने की सलाह दी गई। अब उन्हें चार्टर्ड प्लेन के भारत में लैंडिंग की अनुमति मिलने का इंतजार है। उन्होंने बताया कि 20 मार्च को उड़ान मुंबई की उड़ान रद्द हो जाने के कारण हम लोग परेशान हो रहे हैं। भारतीय दूतावास और देश मंत्रालय को कई पत्र मेल किये हैं। 22 अप्रैल को भारतीय दूतावास को दोबारा पत्र लिखकर औपचारिकता पूरी की है। विदेश में फंसे हुए लोग आर्थिक, मानसिक, भावनात्मक और स्वास्थ्य के लिहाज से दयनीय स्थिति में हैं। 

जल्द शहर लौटना चाहते हैं
हम लोग 22 दिन की यात्रा पर जाम्बिया आए थे और साढ़े तीन माह से यहां फंसे हैं। वहां परिवार वाले अलग परेशान हो रहे हैं। हम जल्दी से जल्दी अपने शहर लौटना चाहते हैं। -संदीप जायसवाल, श्यामसुन्दर जायसवाल और संजय तारेकर

मेरे पति साढ़े तीन माह से विदेश में फंसे हैं। उनके वापस लौटने की अब तक कोई राह नहीं निकल पाई है। यहां मैं और मेरा बेटा है। मुझे हमेशा उनकी चिंता लगी रहती है। शहर में भी लॉकडाउन जारी है। ऐसे में परिवार के मुखिया के नहीं होने के कारण हमारी परेशानी और बढ़ गई है।
- भाग्यश्री तारेकर, पत्नी संजय तारेकर

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