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जरा संभलकर : 3300 कैमरे की है नजर, सिग्नल तोड़ने वालों की आएगी शामत

जरा संभलकर : 3300 कैमरे की है नजर, सिग्नल तोड़ने वालों की आएगी शामत

अभय यादव, नागपुर। शहर के चौराहों पर लगे 3300 CCTV कैमरे अब ट्रैफिक पर नजर रख रहे हैं। इस दौरान सिग्नल तोड़ने वालों की अब शामत आने वाली है।  दो सप्ताह के अंदर करीब 23 हजार वाहनों का CCTV कैमरे से स्क्रीन शॉट लेकर चालान बनाया जा चुका है। यह चालान जल्द ही संबंधित वाहन चालकों के घर पहुंचने वाले हैं। CCTV कैमरे शहर की गलियों, सड़कों, बगीचों, मॉल सेंटर, सिनेमाहालों और तमाम चौराहों व उनके आस लगाए जा चुके हैं, ताकि नियमों का उल्लंघन करने और वारदातों को अंजाम देने वालों को पकड़ा जा सके। 24 घंटे चलने वाले इन कैमरों से यातायात व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद पुलिस विभाग को है। इससे विभाग को लाखों रुपए का राजस्व भी मिलेगा।

अपराधियों पर भी रहेगी नजर
कैमरे शहर में होने वाली हर हलचल पर 24 घंटे नजर रख सकें, इसके लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष परिसर में दो करोड़ की लागत से कमान सेंटर की दो मंजिला इमारत बनाई जा रही है। नागपुर में 3800 CCTV कैमरे लगाए जाने वाले हैं, इसमें से 3300 कैमरे लग  चुके हैं। इन कैमरों से चोरी के वाहनों को भी पकड़ने में आसानी होगी। कैमरों के कारण सड़कों पर होने वाले अपराध, हादसे और अपराधी पुलिस की नजर से बच नहीं पाएंगे। कुछ जगहों पर बंद पड़े कैमरे अपराधियों के लिए रक्षक बनने का काम कर रहे हैं।

चार दिन पहले दिघोरी चौक के पास खरबी रोड पर लगे CCTV कैमरों के बंद होने से 5 हत्याओं का आरोपी विवेक पालटकर बच निकलने में कामयाब हो गया। पुलिस का दावा है कि कैमरों की मदद से अपराध पर भी लगाम लगेगा। लेकिन हाल की कुछ घटनाओं पर गौर करें, तो इन कैमरों से पुलिस को कोई विशेष मदद नहीं मिल सकी है।

एक वाहन चालान की 5 तस्वीरें होंगी
सूत्रों के अनुसार CCTV कैमरों के कमान सेंटर में बैठे पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एक वाहन चालक द्वारा ट्राफिक नियमों की अनदेखी करने पर उसकी 5 तस्वीरें लेंगे। एक तस्वीर वाहन चालक के घर, दूसरी आरटीओ, तीसरी यातायात पुलिस विभाग के संबंधित जोन यातायात शाखा और एक डाक विभाग के पास भेजी जाएगी। इन तस्वीरों का एक साथ स्क्रीन शॉट लिया जाएगा, जिससे कोई भी वाहन चालक इनकार नहीं कर सकेगा। दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि चोरी के वाहन कहीं भी छिपाकर रखने पर भी उसके बारे में छानबीन की जा सकेगी। एक तरह से यह कैमरे फोटोग्राफर का काम करेंगे। इन कैमरों में कुछ आधुनिक तकनीक ऐसी है कि चोरी का वाहन अगर किसी चौराहे से गुजर रहा है, तो उसका सिग्नल कमान सेंटर को मिल जाएगा और इसकी सूचना पास के पुलिस कर्मी या क्षेत्र के थाने को दे दी जाएगी।

इस तरह हो रही है कार्रवाई
अगर कोई वाहन चालक वाहन को स्टॉप लाइन पर ले जाकर रोकता है, तो CCTV कैमरे के कमान सेंटर में बैठे पुलिस अधिकारी, कर्मचारी को वह साफ दिख जाएगा। फिर तुरंत कमान सेंटर में बैठे-बैठे उस वाहन चालक की तस्वीर चौराहे पर लगे कैमरों की मदद से स्क्रीन शॉट ले लेगा। उसके बाद उस स्क्रीन शॉट के साथ समय, तारीख व जगह का नाम आ जाएगा। स्क्रीन शॉट के मार्फत भेजे गए चालान से वाहन चालक अपने दोष से इनकार नहीं कर पाएगा।

कमान सेंटर में बैठे पुलिस अधिकारी के पास शहर के हर चौराहे के बारे में गुप्त जानकारी है। इसके लिए बाकायदा कोड नंबर दिया गया है। वह पुलिस अधिकारी, कर्मचारी उस कोड नंबर को कंप्यूटर में डालकर जब चाहे, जिस भी चौराहे के बारे में जानकारी हासिल कर सकता है। वह कमान सेंटर के अंदर ही बैठकर इस बात का पता लगा सकेगा और देख सकेगा कि उत्तर नागपुर या दक्षिण नागपुर के किस चौराहे पर क्या हो रहा है।

कमान सेंटर के अंदर छोटे और बड़े स्क्रीन लगे हैं। शहर में लगे CCTV चौराहे फुल एचडी वाले हैं। इन कैमरों की हाईडिफिनेशन के कारण किसी भी वाहन को कमान सेंटर में बैठा अधिकारी, कर्मचारी जूम कर देख सकता है। इतना ही नहीं, शहर की सड़कों से गुजरने वाले वाहनों को भी वह आसानी से अपनी स्क्रीन पर देख सकता है। भीड़ के बीच भी वह जब चाहेगा किसी भी वाहन के नंबर का स्क्रीन शॉट और उस वाहन पर सवार व्यक्ति की तस्वीर खींच सकता है। कमान सेंटर का अधिकारी, कर्मचारी माईक पर शहर में किसी भी चौराहे पर खड़े वाहन चालक के वाहन का नंबर देखकर उसे दिशा-निर्देश दे सकता है। 

चालान नहीं भरने पर अदालत में देना होगा जवाब
यातायात पुलिस विभाग की ओर से CCTV कैमरे के मार्फत स्क्रीन शॉट लेकर भेजे जाने वाले चालान को वाहन चालक को भरना होगा, चालान नहीं भरने पर उसे अदालत में हाजिर रहकर जबाब देना होगा। चालान कार्रवाई से बचना है, तो नियमों की अनदेखी न करें और यातायात नियमों का पालन करें।
- एस. चैतन्य, पुलिस उपायुक्त, यातायात पुलिस विभाग, नागपुर शहर

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