मुआवजे की मांग: नागपुर जिले में 339 करोड़ की फसल बर्बाद, किसानों का भारी नुकसान

September 8th, 2022

 डिजिटल डेस्क, नागपुर। नागपुर जिले में पिछले तीन महीने से जारी अतिवृष्टि से हुई फसल नुकसान का पंचनामा पूरा हो गया है। कृषि मंत्री के निर्देश पर अगस्त अंत तक की रिपोर्ट जिलाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर ने पेश की है, जिसमें फसल नुकसान भरपाई के लिए 339 करोड़ की मांग की है। पिछले 3 महीने में हुई अतिवृष्टि को लेकर गांव स्तर पर तलाठी, कृषि सहायक, ग्रामसेवक ने किए संयुक्त सर्वेक्षण अनुसार यह आंकड़े सामने आए हैं। इस साल नागपुर जिले में जून से अगस्त 3 महीने में अतिवृष्टि के कारण 2 लाख 67 हजार 92 किसानों का नुकसान हुआ है। जिले में 2 लाख 42 हजार 817 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल अतिवृष्टि से बर्बाद हुई है। सरकार के नए निर्णय अनुसार नुकसान भरपाई की मर्यादा बढ़ाई जाने से जिले को 339 करोड़ रुपए की आवश्यकता का प्रस्ताव जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा राज्य सरकार को भेजा गया है।

किस तहसील में कितना नुकसान : नई सरकार ने नुकसान भरपाई के संदर्भ में अतिरिक्त मदद करने का निर्णय लिया है। पहले दो हेक्टेयर तक नुकसानग्रस्तों को मदद दी जाती थी, लेकिन 22 अगस्त 2022 के सुधारित आदेशानुसार नुकसान भरपाई की मर्यादा बढ़ाकर 3 हेक्टेयर की गई है। तालुका स्तर से आई अधिकारियों की रिपोर्ट में नुकसान भरपाई का खुलासा किया गया है। इसमें नागपुर ग्रामीण में 11 करोड़, हिंगना में 23 करोड़, मौदा 71 लाख, कामठी 10 करोड़, काटोल 47 करोड़, नरखेड़ 42 करोड़, सावनेर 36.90 करोड़, कलमेश्वर 30.79 करोड़, रामटेक 5 करोड़, पारशिवनी 18 करोड़, उमरेड 35 करोड़, भिवापुर 25 करोड़, कुही 31 करोड़ का नुकसान हुआ है।नुकसान के आंकड़ों में सर्वाधिक बाधित क्षेत्र काटोल, नरखेड़, कलमेश्वर, उमरेड तहसील  है।