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सेंट्रल जेल में 346 कैदियों को लगा टीका, बाकी कतार में

सेंट्रल जेल में 346 कैदियों को लगा टीका, बाकी कतार में

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सेंट्रल जेल में बंद कैदियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन की जा रही है। अब तक करीब 346 कैदियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। यह वैक्सीन उन कैदियों को लगाई गई, जिनकी उम्र 45 वर्ष या उससे अधिक हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नागपुर की सेंट्रल जेल में 2300 से अधिक कैदी बंद हैं। इनमें न्यायालयीन कैदी और सजायाफ्ता कैदियों का समावेश  है। कोरोना संक्रमण के चलते सेंट्रल जेल में भी कई कैदी इस महामारी की चपेट में आए थे। इससे कैदियों को बचाने के लिए दो जगह पर जेल  प्रशासन ने अस्थायी जेल बनाई थी। एक अस्थायी जेल अजनी स्थित माउंट कारमेल में और दूसरी कांग्रेस नगर स्थित होमगार्ड कार्यालय परिसर में बनाई गई थी। इसमें होमगार्ड कार्यालय परिसर  की अस्थायी जेल को यथावत रखा गया, ताकि जरुरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके। 

कैदियों का रिकार्ड खंगाला 
सेंट्रल जेल के अधीक्षक अनूप कुमरे की पहल पर सेंट्रल जेल में बंद ऐसे कैदियों का रिकार्ड खंगाला गया, जिनकी उम्र 45 वर्ष या उससे अधिक थी। ऐसे सेंट्रल जेल में 446 कैदी बंद हैं, जो 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र  के हैं। इनमें से 346 कैदियों को कोरोना के पहले चरण की वैक्सीन लग चुकी है। बचे हुए 100 कैदियों को जल्द कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। दूसरे चरण की वैक्सीन भी कैदियों को दी जानेवाली है। 

बरत रहे एहतियात 
जेल में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए बाहर से आनेवाले कैदियों को पहले मंगलमूर्ति लॉन में बने क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जाता है। उसके बाद उनकी पूरी तरह से वैद्यकीय जांच की जाती है। सेंट्रल जेल अस्पताल के वैद्यकीय अधिकारियों की पूरी संतुष्टि होने के बाद जब वह जेल अधीक्षक अनूप कुमरे को रिपोर्ट देते हैं तब कैदियों को सेंट्रल जेल के अंदर भेजा जाता है। सेंट्रल जेल के अंदर भी जाने के बाद इन कैदियों को करीब 21 दिन अलग कमरों में रखा जाता है। उसके बाद उनकी वैद्यकीय जांच होने के बाद कैदियों के बैरक में भेजा जाता है।

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