दैनिक भास्कर हिंदी: मध्य प्रदेश : युवाओं को रोजगार देने के लिए खुलेंगे 4500 खाद विक्रय

May 30th, 2018

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में युवाओं को रोजगार देने के लिए उनके माध्यम से 4500 खाद विक्रय खुलवाए जाएंगे। इन केंद्रों को खोलने के लिए युवाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इन विक्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों को राज्य विपणन संघ यानि मार्कफेड द्वारा रासायनिक उर्वरक की आपूर्ति की जाएगी।

इस नवीन व्यवस्था के तहत इन विक्रय केंद्रों हेतु ग्रामीण क्षेत्रों के बीएससी एग्रीकल्चर एवं बीएससी केमेस्ट्री के बेरोजगार युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवकों को उर्वरक विक्रय हेतु लायसेंस दिलवाया जाएगा। चयनित युवकों से मार्कफेड अनुबंध करेगा और उन्हें खाद दूत बनाएगा। इन विक्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त खाद उपलब्ध कराया जाएगा।

एक खाद विक्रय केंद्र की लागत 4 लाख 1 हजार रुपए आंकी गई है। इसमें से 80 हजार रुपए चयनित युवा को अपने पास से स्वयं लगाना होगी जबकि 2.21 लाख रुपए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से बैंक ऋण के रुप में उपलब्ध कराई जाएगी। शेष एक लाख रुपए का अनुदान राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इन विक्रय केंद्रों से चयनित युवाओं को मिलने वाले लाभ का भी आकलन किया गया है जिसके तहत प्रथम वर्ष में 1.76 लाख रुपए, द्वितीय वर्ष में 1.92 लाख रुपए, तृतीय वर्ष में 2.09 लाख, चतुर्थ वर्ष में 2.26 लाख रुपए तथा पंचम वर्ष में 2.45 लाख रुपए शुध्द आय होना बताया गया है।

सभी जिलों में खुलेंगे विक्रय केंद्र
खाद विक्रय केंद्र सभी जिलों में खोले जाएंगे। इसके लिए इनकी जिलावार संख्या भी निर्धारित कर दी गई है। जबलपुर में 70, सतना में 140, छिन्दवाड़ा में 143, छतरपुर में 104 तथा सिंगरौली जिले में 48 खाद विक्रय खोले जाएंगे। इसी प्रकार अन्य जिलों में भी संख्या तय की गई है।

भोपाल मार्कफेड के मैनेजर एमके पाठक ने मामले में कहा है कि एमके पाठक ‘‘अभी तक विपणन संघ सहकारी सोसायटियों के माध्यम से खाद का विक्रय कराता था, परन्तु अब युवाओं को रोजगार देने के लिए 4500 खाद विक्रय खोले जाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए चयनित युवा के पास आवश्यक अधोसंरचना होना जरुरी होगी तथा वह अपने इस विक्रय केंद्र से अन्य उत्पाद जैसे कैटल फीड आदि भी बेच सकेंगे।’’