दैनिक भास्कर हिंदी: ट्रेन डकैती कांड का 50 हजार का इनामी मास्टरमाइंड गिरफ्तार, लाखों की लूट कर 11 यात्रियों को किया था घायल

December 9th, 2018

डिजिटल डेस्क, सतना। मानिकपुर-सतना रेलखंड पर पनहाई स्टेशन के पास गंगाकावेरी एक्सप्रेस में डकैती करने वाले गिरोह के मुखिया और 50 हजार के इनामी बदमाश को उत्तरप्रदेश की जीआरपी ने प्रयागराज स्टेशन  के पास मुठभेड़ के दौरान धर दबोचा। उक्त जानकारी देते हुए आईजी रेल बीआर मीणा ने बताया कि दुर्दान्त डकैत लूलू उर्फ लुलुआ उर्फ रामसिया पटेल पुत्र अजायब सिंह पटेल 25 वर्ष निवासी गजरिया थाना बरगढ़ जिला चित्रकूट की लोकेशन कई दिनों से प्रयागराज जंक्शन के आसपास मिल रही थी। वह बड़ी वारदात की योजना बना रहा था, लिहाजा विशेष टीम के साथ मुखबिरों को सक्रिय कर दिया गया।

इसी दौरान शुक्रवार रात को जंक्शन की वाशिंग लाइन के पास इनामी बदमाश की मौजूदगी का सुराग मिला तो सीओ रूपेश सिंह ने जीआरपी थाना प्रभारी रघुवीर सिंह और सर्विलांस प्रभारी सुबोध कुमार के साथ मौके पर पहुंचकर सरेंडर के लिए ललकारा पर हथियार डालने के बजाए लूलू ने फायर झोंक दिया। जवाब में पुलिस ने भी कुछ राउंड चलाने के बाद घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। बदमाश के कब्जे से 315 बोर का तमंचा व 3 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

बरामद कराया सामान
गिरफ्तारी के बाद शातिर बदमाश से पूछताछ की गई तो उसने गंगा- कावेरी एक्सप्रेस में डकैती की पूरी कहानी उगलने के साथ ही बांदा-कर्वी रेलखंड पर ट्रेनों में लूटपाट की कोशिश के दौरान पुलिस से मुठभेड़ का जुर्म स्वीकर कर लिया, साथ ही डकैती में हाथ लगे 6 स्मार्ट फोन, 7 सौ ग्राम चांदी के जेवर और 17 हजार नगदी बरामद करा दी। डकैती में उसके साथ रहे अन्य डकैतों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

क्या है मामला
गौरतलब है कि 2-3 सितम्बर की रात डकैत लूलू की अगुवाई में डेढ़ दर्जन डकैतों ने पनहाई स्टेशन के पास गंगा-कावेरी एक्सप्रेस में चेन पुलिंग कर 5 स्लीपर कोचों में सवार 3 दर्जन यात्रियों से नगदी, गहने और मोबाइल समेत लाखों का सामान लूट लिया था। विरोध करने पर डकैतों ने 11 यात्रियों को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। सनसनीखेज वारदात के बाद एमपी और यूपी की जीआरपी के साथ जिला पुलिस ने बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाने के साथ ही लूलू पटेल पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था।

कामायनी एक्सप्रेस डकैती और रशियन महिला की हत्या में रहा शामिल
लूलू वही शख्स है जिसने एक दशक पूर्व 15 वर्ष की उम्र में मानिकपुर-सतना रेलखंड पर कामायनी एक्सप्रेस में डकैती के दौरान कपलिंग खोलकर ट्रेन को रोका  था, जिसके बाद ही ददुआ गिरोह के डकैत चेलवा कोल और उसके साथियों ने वारदात की थी। विरोध करने पर डकैतों ने रशियन महिला  को मौत के घाट उतार दिया था। नाबालिग होने के चलते लूलू को कुछ साल सुधार गृह में रहने के बाद रिहा कर दिया गया, पर वह अपराध का रास्ता नहीं छोड़ पाया था।

 

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