590 को मिला इंसेंटिव, 270 करते रहे इंतजार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कोरोनाकाल में मरीजों की सेवा करने वाले निवासी डॉक्टरों को इंसेटिव मिला है। 2019-20 की बैच के मेयो-मेडिकल के 590 डॉक्टरों को इसका लाभ मिला है। वहीं 2018 के बैच के 270 डॉक्टरों को इंसेटिव नहीं मिल पाया है। जब सरकार ने इंसेटिव दिया तब तक इन डॉक्टरों की शिक्षा पूरी हो चुकी थी। इसलिए वे अपने घर चले गए थे। कोरोनाकाल में सेवा देने के बावजूद उन्हें इंसेटिव से वंचित रहना पड़ा।
सरकार ने समाधान निकाला था
सरकार ने कोरोनाकाल के दौरान सरकारी अस्पतालों में सेवा देने वाले निवासी डॉक्टरों को इंसेटिव देने का आश्वासन दिया गया था। साल भर तक निवासी डॉक्टर्स इंतजार करते रहे, लेकिन सरकार की तरफ से इसमें गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसका असर यह हुआ कि निवासी डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी। तब जाकर सरकार ने इसका समाधान निकाला। दो साल के कोरोनाकाल के दौरान सेवा देने वाले निवासी डॉक्टरों को सालाना 60 हजार रुपए इंसेटिव देने की घोषणा की। 2019 और 2020 की बैच को इंसेटिव दिया गया। मेयो अस्पताल के 190 और मेडिकल के 400 निवासी डॉक्टरों को दो किस्तों में 60-60 हजार इंसेटिव दिया गया। पिछले साल 590 डॉक्टरों को 1.20 लाख के हिसाब से कुल 1 करोड़ 8 लाख रुपए इंसेटिव मिला है। काेरोना काल के दौरान 2018 की बैच ने भी मरीजों की सेवा दी थी। इंसेटिव का मामला 2021 में उठाया गया था। 2022 में इंसेटिव दिया गया। तब तक 2018 की बैच अपनी शिक्षा पूरी कर अपने घर पहुंच चुकी थी। इसलिए उन्हें इंसेटिव नहीं मिल पाया। इसमें मेयो के 80 व मेडिकल के 190 मिलाकर कुल 270 निवासी डॉक्टरों का समावेश था। यह डॉक्टर इंतजार कर चले गए।
Created On :   22 Feb 2023 10:20 AM IST