दैनिक भास्कर हिंदी: 7 सात ईनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण, कमांडर और उपकमांडर शामिल

October 10th, 2019

हाईलाइट

  • सभी नक्सलियों पर 33 लाख 50 हजार रुपए का ईनाम था
  • नक्सली नाबालिग बच्चों को जबरन नक्सल आंदोलन में करते हैं शामिल

डिजिटल डेस्क, गड़चिरोली। नक्सल आंदोलन को एक और झटका उस समय लगा, जब चातगांव दलम के कुल 7 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी नक्सलियों पर कुल मिलाकर 33 लाख 50  हजार रुपए का ईनाम था।  यह जानकारी बुधवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में जिला पुलिस अधीक्षक शैलेष बलकवड़े ने दी।

जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आत्मसमर्पण करनेवाले नक्सलियों में चातगांव नक्सल दलम का कमांडर राकेश उर्फ गणेश सनकू आचला (34), उपकमांडर देवीदास उर्फ मनिराम सोनू आचला (25), रेशमा जाई दुलसु कोवाची (19), अखिला उर्फ  राधे झुरे (27), शिवा विज्या पोटावी (22), करुणा उर्फ कुम्मे रामसिंह मड़ावी (22) और राहुल उर्फ दामजी सोमजी पल्लो (25) का समावेश है।

बता दें कि नक्सली नाबालिग बच्चों को जबरन नक्सल आंदोलन में शामिल करते हैं। वहीं आंदोलन से जुड़ी महिला नक्सलियों के साथ अत्याचार किया जाता है। इसके साथ ही आदिवासियों पर होनेवाले अन्याय के खिलाफ लड़ने की बात  कह आदिवासी बच्चों को गुमराह कर नक्सल आंदोलन में शामिल किया जाता है, लेकिन नक्सल आंदोलन में मानसिक और शारीरिक रूप से त्रस्त किए जाने के कारण अनेक नक्सली आत्मसमर्पण कर विकास की मुख्य धारा से जुड़ गए हैं।

ऐसे में चातगांव दलम के 33 लाख 50 हजार इनामी 7 नक्सलियों ने भी नक्सल दलम से तंग आकर आत्मसमर्पण किया है। विशेषत: विधानसभा चुनाव के दौरान इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण किए जाने से जिला पुलिस दल को बड़ी सफलता मिली है।  

खाना तक नहीं होता नसीब, आत्मसर्पित नक्सली राकेश का बयान 
जिला पुलिस दल के सामने आत्मसमर्पण करने वाले चातगांव दलम कमांडर राकेश आचला ने एक बयान देकर सबको हैरत में डाल दिया है। राकेश ने बताया कि नक्सल दलम में एक वक्त का खाना भी नसीब नहीं होता था। विशेषत: उसने अपने बयान में अब नक्सल आंदोलन का जनता भी साथ नहीं देने की बात कही। इससे यह स्पष्ट होता है कि, गड़चिरोली जिले की जनता भी अब नक्सल दहशत से त्रस्त होकर भयमुक्त वातावरण में जीना चाहती है।