comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

सरकार से मिले 900 करोड़ फिर भी मनपा की तिजोरी खाली

सरकार से मिले 900 करोड़ फिर भी मनपा की तिजोरी खाली

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राज्य में विरोधी दल की सरकार होने के बावजूद नागपुर महानगरपालिका पर मेहरबान दिखी। महाविकास आघाडी सरकार ने भाजपा शासित मनपा की जीएसटी अनुदान बढ़ाने समेत पिछले दिनों करीब 900 करोड़ रुपए मनपा की तिजोरी में डाले हैं। उम्मीद की जा रही थी कि अनेक आर्थिक प्रश्नों का समाधान होगा।  मनपा कर्मचारियों द्वारा की जा रही दिवाली से पहले 10 हजार रुपए की मांग और ठेकेदारों को बकाया भुगतान किया जाएगा, लेकिन दोनों मोर्चों पर असफलता हाथ लगी। न कर्मचारियों को अतिरिक्त भुगतान हुआ और न ठेकेदारों को बकाया मिला। बकाया भुगतान की बात तो दूर, नए काम भी शुरू नहीं किए गए। ऐसे में सरकार से मिले 900 करोड़ रुपए कहां गए, इसका भी कोई जवाब नहीं मिल पाया। मनपा के  वित्तीय अधिकारी से पूछने पर वे दिवाली में व्यस्तता का बहाना कर जवाब देने से बचते दिखे।

हाथ मल रहे मनपा कर्मचारी 
नागपुर महानगरपालिका मागासवर्गीय कर्मचारी संगठन के पूर्व प्रमुख कार्यवाह शेखर कड़बे ने कहा कि राज्य की सभी महानगरपालिका अपने कर्मचारियों को दिवाली के मौके पर अतिरिक्त रकम दे रही है। ऐसे में नागपुर प्रशासन से दिवाली से पहले मनपा कर्मचारी व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को त्वरित 
10 हजार रुपए देने की मांग की गई थी। सरकार से मिले 900 करोड़ रुपए खर्च तो नहीं हो गए? ऐसे में मनपा कर्मचारी क्या करें। 

कोई एरियर्स हाथ नहीं लगा 
मनपा कर्मचारियों को छठवें वेतन आयोग के सिफारिशों के अनुसार 59 महीने का एरियर्स अब तक नहीं मिला। डीए का भी 65 महीने का एरियर्स बकाया है। सातवां वेतन आयोग लागू करने को लेकर भी प्रशासन गंभीर नहीं है। आयुक्त ने आश्वस्त किया था कि दिवाली से पहले डीए का एरियर्स दिया जाएगा, लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा। 

अधिकारी बदले, हालात नहीं  
यही स्थिति अब मनपा ठेकेदारों की भी है। पिछली नवंबर से लेकर इस नवंबर तक लगभग एक साल का बकाया बिल मनपा पर है। तुकाराम मुंढे ने आर्थिक स्थिति खराब बताकर अनेक कामों को रोक दिया था। ऐसे में ठेकेदारों के बिल भी रुक गए थे। लॉकडाउन के कारण अनेक लोगों के काम बंद होने से ठेकेदारों की भी स्थिति खराब हुई। इस बीच मनपा आयुक्त और मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी दोनों बदले, लेकिन ठेकेदारों के हालात जस के तस है। कुछ दिन पहले मनपा आयुक्त ने ठेकेदारों को आश्वासन दिया था कि दिवाली से पहले सभी को 5 लाख तक भुगतान किए जाएंगे। जब ठेकेदार अपना बकाया लेने गए तो पता चला कि जिनका 5 लाख से कम बकाया है, सिर्फ उन्हें ही भुगतान किया जा रहा है। इस कारण ठेकेदार भी नाराज हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे है कि आखिर सरकार से मिला 900 करोड़ रुपए की अनुदान राशि आखिर कहां गई। न किसी को भुगतान किया और न किसी काम पर खर्च। 

कमेंट करें
pVLRc
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।