दैनिक भास्कर हिंदी: बेटे की हत्या कर दलित महिला ने ब्राह्मण परिवार को फंसाया, बिना जुर्म 21 दिन काटे जेल में

September 16th, 2018

हाईलाइट

  • बच्चे की मां और चाचा ने कबूला अपना जुर्म
  • अवैध संबंध का राज न खुल जाए, इसलिए की हत्या
  • अदालत ने दोनों को हत्या के जुर्म में जेल भेजा

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। एक दलित महिला ने अपने देवर के साथ मिलकर अपने ही 6 साल के बेटे प्रिंस को मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं महिला ने इसका इल्जाम एक ब्राम्हण परिवार पर मढ़ दिया, जिसमें ब्राह्मण परिवार के एक युवक को 21 दिन तक जेल में भी रहना पड़ा। बच्चे की मां ने एससी-एसटी एक्ट के तहत भी केस दर्ज कराया था। मामला उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले का है। नौझेल पुलिस थाना अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि हत्या के आरोपी बच्चे की मां और चाचा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया है।

पुलिस ने 19 जुलाई को मथुरा के बेहरारी के पास से 6 साल के बच्चे प्रिंस कुमार का शव कुंए से बरामद किया था। बच्चे की मां गुड्डी देवी ने हत्या का इल्जाम एक ब्राह्मण परिवार के 5 सदस्यों पर लगाया। पुलिस ने 21 अगस्त को एक आरोपी बच्चू पंडित को गिरफ्तार कर लिया था। गुड्डी देवी का आरोप था कि उसके पति की हत्या के आरोप में तीन महीने पहले बच्चू का भाई मुकेश गिरफ्तार हुआ था, जिसका बदला लेने के लिए बच्चू ने उसके मासूम बेटे की हत्या कर दी। 

 

राज्य सरकार से 4.12 लाख रुपए हड़पे
पुलिस के मुताबिक राज्य सरकार ने घटना के बाद बच्चे की मां को आर्थिक सहायता भी दी। सहायता के तौर पर सरकार ने 4.12 लाख रुपए दिए थे। जांच में पता चला कि गुड्डी देवी और उसके 23 वर्षीय देवर आकाश ने बच्चे की हत्या की थी। गुड्डी के बेटे ने उसे और आकाश को आपत्तिजनक हालात में देख लिया था। गुड्डी और आकाश को डर था कि उसका बेटा प्रिंस दोनों के संबंध के बारे में किसी को बता सकता है, इसलिए दोनों ने उसकी हत्या करने का निश्चय किया। गुड्डी और आकाश ने अपना अपराध कबूल करते हुए कहा है कि गुड्डी की सलाह पर आकाश प्रिंस को कुंए के पास ले गया। इसके बाद उसने रस्सी से प्रिंस का गला दबाकर कुंए में फेंक दिया। 
  

मुआवजा राशि वसूलने के निर्देश
बता दें कि इस मामले में एक दिन पहले उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग आयोग ने मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे। आयोग के अध्यक्ष ब्रिज लाल ने मथुरा एसएसपी से कहा कि गुड्डी देवी और आकाश के ऊपर ब्राम्हण परिवार को फंसाने की एफआईआर दर्ज की जाए। आयोग ने पुलिस को मुआवजा राशि वसूलने के भी निर्देश दिए हैं। 

 

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