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दैनिक भास्कर हिंदी: खेतों में मंडरा रहा टिडि्डयों का दल, रेगिस्तान की गर्मी में पनपने के कारण नागपुर की धूप बेअसर

May 27th, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर सेरिकल्चर एंड बायोलॉजिकल पेस्ट मैनेजमेंट रिसर्च (सीएसबीआर) के निदेशक डॉ. एमएम राय ने कहा कि टिड्डियां फसलों के लिए खतरनाक हैं। टिड्डियों का दल बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। खास बात यह है कि ये टिड्डियां भारत-पाकिस्तान की सीमा स्थित "नो मेन्स लैंड' में पैदा होती हैं। इनके अंडे देने के लिए रेगिस्तान बेहतर जगह माना जाता है। इसी वजह से रेगिस्तान की गर्मी सहन करने वाली इन टिड्डियों पर नागपुर की धूप बेअसर हो जाती है। साथ ही, यहां की खेती और हरियाली इनके भोजन और प्रजनन के लिए उपयुक्त होती है।

प्रजनन में सफल रहीं तो विकराल होगी स्थिति
टिड्डियों पर लंबे समय तक शोध करने वाले सीएसबीआर के निदेशक डॉ. एमएम राय व उनकी टीम ने  कलमेश्वर तहसील के सावंगी तोमर गांव का जायजा लिया।  डॉ. राय ने बताया कि क्षेत्र में देखी गईं टिड्डियां 3-4 दिन पहले ही वयस्क हुई हैं। अगले 8-10 दिन में ये प्रजनन करने लायक हो जाएंगी। अगर इनका प्रजनन सफलतापूर्वक हो गया तो आगे समस्या और विकराल हो सकती है। डॉ. राय के साथ छात्र डॉ. विजय राऊत और प्रशांत चौहान भी थे।

आसान नहीं है काबू करना
डॉ. राय के अनुसार, ये टिड्डियां रेगिस्तान के गर्म माहौल में विकसित होती हैं। हरियाली खाकर पलती हैं। जब टिड्डियों का झुंड उड़ान भर रहा होता है, तो इन पर नियंत्रण संभव नहीं है। प्लेन या ड्रोन से इन पर कैमिकल भी छिड़का जाए, असर नहीं होगा। 

कोई नुकसान नहीं
तहसील के खलालगोंदी शिवार में सोमवार की शाम करीब 4 बजे के दौरान टिड्डी दल नजर आया। इससे प्रशासन व किसानों की चिंता बढ़ गई थी। नरखेड़ तहसील कृषि अधिकारी डॉ. योगीराज जुमडे ने बताया कि, टिड्डी दल ज्वार, गेहूं, चना, कपास, तुअर जैसी खड़ी फसल को नुकसान पहंुचाता है। हालांकि यहां कोई नुकसान नहीं हुआ है।

किसानों को किया सचेत
काटोल के एसडीओ श्रीकांत उंबरकर, तहसीलदार अजय चरडे, कृषि अधिकारी सुरेश  कन्नाके ने काटोल  तहसील  ग्रामीण के किसानों को टिड्डी दल से सचेत करने के लिए कृषि सहायकों को निर्देश दिए। कोंढाली क्षेत्र के कृषि सहायक जगन्नाथ जायभाये तथा कुंभरे ने किसानों को जागरूक किया।

विभाग को दें जानकारी
मध्यप्रदेश से होते हुए नरखेड़-काटोल तहसील में टिड्डी दल के पहुंचने के बाद कामठी कृषि विभाग ने किसानों को उपाय योजना से अवगत कराते हुए टिड्डी दल नजर आने पर विभाग को सूचना देने की अपील कृषि अधिकारी मंजूषा राऊत ने की है।

काटोल और नरखेड़ तहसील में किसानों की नींद उड़ी
कटोल, नरखेड़ तहसील में टिडि्डयों ने किसानों की नींद हराम कर दी है। जिला परिषद सदस्य सलील देशमुख की पहल पर प्रभावित क्षेत्रों में दवा का छिड़काव किया गया है। इस बाबत पहले देशमुख ने जिलाधिकारी से बात की थी। रात में ही छिड़काव कर फसलों को सुरक्षित किया गया है। सब्जी की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।