दैनिक भास्कर हिंदी: पुलिस आयुक्त बोले- स्ट्रीट क्राइम पर विशेष नजर रहेगी, नहीं चलने देंगे रंगदारी

August 2nd, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर उपाय किए जाएंगे, इसलिए अपराधी शहर में "रंगदारी' करने का ख्याल बिलकुल भी मन में न लाएं। अपराधों के नियंत्रण और नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। अपराध नियंत्रण के लिए एनजीओ और स्वयंसेवी संस्थाओं के सुझाव, सहयोग और नागरिकों से मिलने वाली सूचनाओं पर प्रभावी रूप से काम-काज कराएंगे। शहर में बढ़ रहे स्ट्रीट क्राइम पर विशेष नजर रखी जाएगी। पुलिस निरीक्षक के साथ अब बड़े अधिकारी भी सड़क पर उतर कर कार्य करेंगे। यह बात नए पुलिस आयुक्त डाॅ. भूषण कुमार उपाध्याय ने कही है। वे  शहर के नए पुलिस आयुक्त का पदभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। 

यातायात बड़ी समस्या
नागपुर शहर में यातायात और  यातायात पुलिस के व्यवहार का  तरीका बड़ी समस्या है। प्रत्येक पुलिस कर्मचारी को नागरिकों की मदद के लिए सहकार्य करने के लिए है। केवल वाहन चालकों से जुर्माना वसूलने का उद्देश्य पुलिस का नहीं है। अगर नागरिकों को पुलिस बेवजह परेशान करेगी तो यातायात के साथ पुलिस का भी बंदोबस्त किया जाएगा। यातायात पुलिस से सामान्य नागरिकों को कोई परेशानी नहीं होगी। 

नए पुलिस आयुक्त ने अपने कविमन के चिर परिचित अंदाज से यह कहते हुए ‘ पुलिस के एक हाथ में डंडा एक हाथ में प्यार, आपको क्या चाहिए बोलो मेरे यार’ से परिचित कराया। वे नागपुर में ट्रॉफिक पुलिस डीसीपी, अपर पुलिस आयुक्त क्राइम तथा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के रूप में वर्षों तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। निवर्तमान पुलिस आयुक्त डॉ. के. व्यंकटेशम ने बुधवार को डॉ. भूषण कुमार उपाध्याय को नागपुर के पुलिस आयुक्त का पदभार सौंप दिया। निवर्तमान पुलिस आयुक्त डॉ. व्यंकटेशम  ने अनौपचारिक बातचीत में अपने 23 माह के कार्यकाल के सकारात्मक सहयोग के लिए मीडिया को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर सह पुलिस आयुक्त शिवाजी बोडखे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्यामराव दिगावकर उपस्थित थे। 

पुलिस का संवेदनशील चेहरा सामने लाएंगे
सीपी ने कहा कि सामान्य नागरिक और पुलिस के बीच दूरी कम कर पुलिस विभाग पर विश्वास करने की पहल की जाएगी। आगामी दिनों में नागपुर पुलिसिंग का चेहरा सड़कों पर दिखाई देने वाला कार्य करेंगे। नागपुर में पुलिस का एक संवेदनशील चेहरा निखारेंगे, जिससे जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान बढ़े। वे मानते हैं कि ट्रॉफिक व्यवस्था में सुधार लाने के दौरान नागरिकों के साथ अनुचित व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन नियम-कायदे भी न टूटे और लोग कानून का पालन करें, तो पुलिस का व्यवहार हमेशा सकारात्मक ही रहेगा। 

‘मुक्का’ लगाने में कोई हिचक नहीं 
बीते सालों में नागपुर में आर्थिक और साइबर अपराधों की संख्या बढ़ी है। नियमित रूप से अपराध करने वाले अपराधियों पर "मोका' लगाने के बाद भी वह नहीं सुधरे तो उन्हें "पुलिस का मुक्का' लगाने में कोई हिचक नहीं होगी। अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए उन्होंने माना कि बहुत सारे युवा अपराधियों को यदि सही रास्ता मिले, तो वे अपराध करने की नियमित प्रवृत्ति से बच सकते हैं। पुलिस की जवाबदेही के अतिरिक्त समाज में अपराधों की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।