दैनिक भास्कर हिंदी: कृषि मंडी ने ऑनलाईन व्यापार को बढ़ावा देने नियम किए सरल

July 20th, 2018

डिजिटल डेस्क, भोपाल। राज्य सरकार ने कृषि उपज मंडी आनलाईन व्यापार को बढ़ावा देने के लिए इसके नियम सरल कर दिए हैं। दरअसल राज्य सरकार ने गत 6 जनवरी 2018 को मप्र कृषि उपज मंडी आनलाईन व्यापार एवं ई-प्लेटफार्म लायसेंस नियम प्रभावशील किए थे। इसमें प्रावधान किया गया था कि जो व्यापारी कृषि उपज मंडियों में उपज की खरीदी करते हैं उन्हें इस आनलाईन पोर्टल पर अपना पंजीयन कराना जरुरी होगा। व्यापारियों ने आनलाईन पंजीयन तो कराया परन्तु आनलाईन खरीदी में रुचि नहीं ली क्योंकि ई-प्लेटफार्म पर जाकर खरीदी के नियम काफी जटिल थे। इसीलिए अब राज्य सरकार ने इन नियमों के सरलीकरण का ड्राफ्ट जारी किया है जो आगामी 17 अगस्त के बाद प्रभावशील हो जाएंगे।

नए नियम के अनुसार, अब राज्य कृषि मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक उस व्यापारी को भी ई-प्लेटफार्म के माध्यम से आनलाईन व्यापार करने का लायसेंस प्रदान कर देंगे जोकि किसी कृषि उपज मंडी समिति में लायसेंसधारी व्यापारी है तथा उसे आनलाईन ट्रेडिंग हेतु सौ रुपए प्रति वर्ष की फीस जमा नहीं करना होगी। पहले आनलाईन ट्रेडिंग हेतु पहले व्यापारी को एक दिन में अधिकतम क्रय मूल्य की बैंक गारंटी जमा करना होती थी, परन्तु अब व्यापारी बैंक फिक्स डिपाजिट या कृषि मंडी समिति में जमा की गई प्रतिभूति भी जमा कर लायसेंस प्राप्त कर सकेगा।

इसी प्रकार, अब आनलाईन ट्रेडिंग का लायसेंस प्राप्त करने के लिए व्यापारी को पिछले दो साल में कम से कम 5 करोड़ रुपए टर्न ओवर बताने के स्थान पर मात्र दो करोड़ रुपयों का ही टर्न ओवर बताना होगा। इसके अलावा व्यापारी को पूर्ववर्ती दो वर्ष में 500 करोड़ रुपयों की कम से कम ढाई हजार ई-नीलामियां करने का दस्तावेज देने का प्रावधान हटा कर उसके स्थान पर 200 करोड़ रुपयों की कम से कम एक हजार ई-नीलामियां करने के दस्तावेज देने का प्रावधान कर दिया गया है।

इसी प्रकार व्यापारी को पहले पचास लाख रुपयों की प्रतिभूति बैंक गारंटी के रुप में देने का प्रावधान था जिसे खत्म कर अब पच्चीस लाख रुपए की बैंक गारंटी या बैंक फिक्स डिपाजिट देने का प्रावधान कर दिया गया है। इस प्रतिभूति को एक साल बाद 75 लाख रुपए करने का प्रावधान खत्म कर इसे अब 50 लाख रुपए कर दिया गया है।

इनका कहना है...
‘‘ई-प्लेटफार्म में कृषि मंडी समिति के 19 हजार व्यापारियों ने पंजीयन तो कराया परन्तु नियम जटिल होने के कारण वे आनलाईन ट्रेडिंग नहीं कर रहे थे। इसीलिए ई-ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिए अब नियम सरल किए गए हैं।’’
- विनय निगम, अपर संचालक, मप्र मंडी बोर्ड, भोपाल