पोल्यूशन: चंद्रपुर शहर में बढ़ा वायु प्रदूषण, 94.2 प्रतिशत जनता खतरा महसूस कर रही

December 23rd, 2021

डिजिटल डेस्क, चंद्रपुर। भीषण प्रदूषण वाले औद्योगिक चंद्रपुर का प्रदूषण, विशेषतः हवा प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर क्या परिणाम होते हैं, यह समझने के लिए ऑनलाइन सर्वे कर प्रश्नवाली के माध्यम से लोगों की राय ली गई, जिसमें से 94.2 प्रतिशत लोगों ने कहा कि, चंद्रपुर का वायू प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। इससे उनके स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम हो रहा है, यह निष्कर्ष सर्वे के लिए अगुवाई करनेवाले पर्यावरणविद्ों व सर्वे का संशोधन करनेवाले डा.योगेश दुधपचारे, डा.अशोक वासलवार, डा.साैरभ राजुरकर ने आयोजित पत्र-परिषद में दी।

उन्होंने बताया कि, चंद्रपुर शहर के सभी सामाजिक ग्रुप पर वाट्सअप के माध्यम से यह प्रश्नसूची भेजी गई। इसमें शहर के 430 लोगों ने प्रतिसाद दिया। प्रतिसाददाताओं का ई-मेल व प्रत्येक प्रश्न अनिवार्य किया गया था। इसके चलते प्रतिसाददाताओं की संख्या थोड़ी कम होने का अनुमान है। कुल मिलाकर प्रतिसाद देनेवालों में से 90 प्रतिशत लोग चंद्रपुर निवासी हैं। जवाब देनेवाले 74 प्रतिशत लोग उच्चशिककक्षित हैं। 75.1 प्रतिशत लोगों का मानना है कि, उन्हें हुई बीमारी प्रदूषण से जुड़ी है। 67.3 लोगों को त्वचा संबंधी बीमारी व शिकायत है, और उनके घर में कोई न कोई इससे पीड़ित है। सर्दी, बार-बार छिंक आना, नाक से पानी आना ऐसी बीमारी से करीब 77 प्रतिशत लोग जूझ रहे हैं।

खांसी, गले में खराश, कफ, निमोनिया, सीओपीडी, ( क्रॉनिक ओबस्ट्रक्टिव पल्मनरी डिसीज) क्रॉनिक ब्राँकायटिस, दमा, कफ जमा होना, सांस लेने में परेशानी, छोटे बच्चों में  एक्युुट लोअर रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन, लंग फायब्रासिस बीमारी से करीब 58 प्रतिशत लोग लड़ रहे हंै। अस्पतालों के चक्कर  काट कर पैसे खर्च कर रहे हंै। 3 प्रतिशत लोगों के घर में पिछले 5 वर्ष या इन बीमारी से किसी न किसी की मृत्यु हुई है। आंखों की विविध बीमारी 52 प्रतिशत लोगों को है। पर्यावरणीय बीमारी से  ऑफिस या काम पर नहीं जा पाये, ऐसे वर्ष में 10 दिन होने की जानकारी देनेवाले 35 प्रतिशत लोग हैं। प्रदूषण के कारण होेनेवाली विविध बीमारियों के लिए   70 प्रतिशत लोग बड़े पैमाने पर दवा पर खर्च कर रहे हैं।  कुल 60 प्रतिशत लोग ऍलोपैथी, 13 प्रतिशत लोग होमिओपैथी का इलाज कर रहे हैं। चंद्रपुर में लगातार दवाइयां  खाकर जीना पड़ रहा है, ऐसा करीब 40 प्रतिशत जनता कहती है। ठंड के दिनों में स्थिति और भी खराब रहती है। 30 प्रतिशत लोगों का कहना है कि, प्रदूषण  से हो रही बीमारियों का असर उनके बच्चों पर  हो रहा है। इससे वे स्कूल, कॉलेज में उपस्थित नहीं रह पाते।

70 प्रतिशत लोग शहर छोड़ने पर विवश  :  प्रदूषण के कारण लगातार स्वास्थ्य खराब रहने के चलते दुकान व ऑफिस में पूर्ण समय नहीं दे पाते, ऐसा 64 प्रतिशत लोगों ने कहा। प्रदूषण व बीमारियों के चलते यहां रहना मुश्किल हो गया  है, अन्य शहर में उचित दर मिला तो 70 प्रतिशत लोग शहर छोड़ने के लिए तैयार हैं।