दैनिक भास्कर हिंदी: आठ धार्मिक ग्रंथों पर हाथ रखकर बोले जोगी - बीजेपी को नहीं देंगे समर्थन

November 18th, 2018

डिजिटल डेस्क, रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को इस बार अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस ने दिलचस्प बना दिया है। सबकी निगाहें इसी बात पर हैं कि क्या वह सिर्फ कांग्रेस-बीजेपी को नुकसान पहुंचाने तक सीमित रहेंगे या फिर चुनाव के बाद किंगमेकर की भूमिका में होंगे। सियासी हलको में अजीत जोगी के उस बयान की जोरो से चर्चा थी कि वह बहुमत न मिलने की स्थिती में बीजेपी के साथ भी जा सकते हैं। हालांक अब अजीत जोगी ने सफाई पेश की है और बीजेपी के साथ जाने की अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने आठ धार्मिक ग्रंथों पर हाथ रखकर कसम खाई की वह भाजपा को समर्थन कभी नहीं देंगे।

अजीत जोगी शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने साथ धार्मिक ग्रंथ- श्रीमद्‍ भगवद्‍ गीता, कुरआन, रामायण, कबीर ग्रंथ, बाइबल, शदाणी प्रकट, गुरु ग्रंथ और सतनाम दर्शन लेकर आए थे। उन्होंने कहा, "मैं सपने में भी नहीं सोच सकता कि भाजपा के साथ गठबंधन करूं, मैं उनको किसी शर्त पर समर्थन नहीं दूंगा और न ही उनसे समर्थन लूंगा।" उन्होंने कहा कि वो सूली पर चढ़ना पसंद करेंगे, लेकिन भाजपा के साथ कभी नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा जकांछ, बसपा और सीपीआई का गठबंधन मजबूत है। उन्हें किसी के समर्थन की जरूरत नहीं होगी। माना जा रहा है कि बसपा मुखिया मायावती के सख्त तेवरों के बाद जोगी को अपने बयान को लेकर नरम होना पड़ा है। 

क्या कहा था अजीत जोगी ने?
अजीत जोगी से जब एक टीवी चैनल ने इंटरव्यू में सवाल किया था कि मान लीजिए कि आप सबसे बड़ी पार्टी बनकर आए, लेकिन आपको बहुमत के लिए किसी दल का समर्थन चाहिए, सबसे पहले आप किस पार्टी के पास जाएंगे, कांग्रेस या बीजेपी? इसके जवाब में जोगी ने कहा था कि हम जब उस स्थिति में पहुंचेंगे तो सीमा पार करेंगे। इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बीजेपी के साथ जाएंगे? इस पर जोगी  ने कहा, राजनीति में आप किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर सकते। इसलिए कुछ भी हो सकता है, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि ऐसी स्थिति नहीं आएगी।   

बता दें कि छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव हो रहे हैं। पहले चरण के तहत 12 नवंबर को वोटिंग हो चुकी है। अब दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होना है। 11 दिसंबर को चुनाव के परिणाम घोषित किए जाएंगे।