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 अकोला : मामूली बात पर पिटाई , घायल की मौत , पिता पुत्रों पर अपराध दर्ज 

 अकोला : मामूली बात पर पिटाई , घायल की मौत , पिता पुत्रों पर अपराध दर्ज 

डिजिटल डेस्क  अकोला । अकोट फैल के भोईपुरा निवासी प्रवीण विजय कांबले का अपने पड़ोसी गणेश विश्वनाथ कांबले के साथ मामूली बात को लेकर विवाद हुआ था। इस घटना में पिता-पुत्रों ने प्रवीण की 7 जून को जमकर पिटाई कर दी थी। इस मारपीट में घायल के सिर पर गंभीर चोट आने के कारण परिजनों ने उपचार के लिए सर्वोपचार अस्पताल में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान घायल ने सोमवार की सुबह 8 बजे के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पिता पुत्र के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी। 

यह दी शिकायत 
मृतक की पत्नी 35 वर्षीय भोई पुरा निवासी सारिका प्रवीण कांबले ने दी शिकायत में कहा कि 7 जून की दोपहर 3 बजे के दौरान वह घर में बर्तन मांज रही थी। इसी बीच पति प्रवीण की मदद के लिए दर्दनाक आवज सुनाई दी। पति को अचानक क्या हो गया यह देखने के लिए बाहर आई थी। घर के बाहर आकर देखने पर गणेश विश्वनाथ कांबले अपने बेटे गोलू गणेश कांबले, अविनाश गणेश कांबले पति के साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दे रहा था। जिससे तीनों आरोपियों की चंगुल से पति को छुडाया था।

 अस्पताल में कराया भर्ती 
घर के बाहर कांबले पिता पुत्र द्वारा की जा रही पिटाई के समय वहां पर शीतल सोनू इंगले, गोदावरी प्रकाश इंगले, इंदीरा अर्जुन मारबते ने देखा है। मारपीट में घायल पति को काफी दर्द होने तथा सिर से खून बहने के कारण पडौसी व सास कलावती विजय कांबले के साथ लेकर पति को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। 

 घायल की 16 घंटे बाद मौत 
मारपीट में घायल हुए प्रवीण कांबले को सर्वोपचार अस्पताल में रविवार दोपहर 4 बजे के दौरान उपचार के लिए भर्ती कराया था। उपचार के दौरान सोमवार की सुबह 8 बजे के दौरान मौत हो गई। पति की मौत के बाद मृतक की पत्नी ने अकोट फैल पुलिस थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। 
 
 तीन दिनों पूर्व भी की गई थी पिटाई 
पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया कि 4 जून को  पति के साथ आरोपियों का विवाद हो गया था। इस विवाद में आरोपियों ने पति के साथ मारपीट कर घायल किया था। पडौसियों के साथ छोटी सी बात को लेकर निर्माण हुई अनबन तथा मारपीट की घटना को अनदेखी कर शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। 

 तीनों आरोपी हिरासत में 
अस्पताल में भर्ती घायल की मौत होने की जानकारी मिलते ही पुलिस निरीक्षक महेंद्र कदम के मार्गदर्शन में डीबी कर्मचारियों ने जांच को गति देते हुए कांबले पिता पुत्र को हिरासत में ले लिया। शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।