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मातृभाषा में शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव

मातृभाषा में शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मातृभाषा में शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी है। प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है कि उसे मातृभाषा में ही बुनियादी शिक्षा प्रदान की जाए। मनोवैज्ञानिक अध्ययनों से यह सिद्ध हो चुका है कि बच्चों का स्वाभाविक विकास अपनी भाषा में ही संभव हो पाता है। यह बात डॉ बाबासाहब आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू की कुलपति प्रो. आशा शुक्ला ने व्यक्त किए। वे राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार में बतौर मुख्य वक्ता बोल रही थी। 

वेबिनार का विषय "मातृभाषा में शिक्षा
चुनौतियां और संभावनाएं' था। उन्हाेंने कहा कि नई शिक्षा नीति में इस दिशा में सराहनीय पहल की गई है। भारतीय भाषाओं को बुनियादी शिक्षा का माध्यम बनाने से देश का संघीय ढंाचा सुदृढ़ होगा और हमारी भाषायी विविधता को संरक्षित किया जा सकेगा।

मातृभाषा में शिक्षण - प्रशिक्षण की व्यवस्था हो
दूसरे सत्र के अतिथि वक्ता मप्र साहित्य एकेडमी के निदेशक डॉ विकास दवे ने स्कूली शिक्षा प्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने मातृभाषा में शिक्षा व्यवस्था होने से देश की प्रतिभाओं में आत्मगौरव का बोध होगा। विदेशी भाषा सीखने में कोई हर्ज नहीं, परंतु आत्मबोध और आत्मसम्मान के लिए यह जरूरी है कि अपनी मातृभाषा में शिक्षण प्रशिक्षण की व्यवस्था हो। कार्यक्रम के समापन सत्र की मुख्य अतिथि शिक्षाविद् कल्पना पांडे थी। उन्होंने मातृभाषा में शिक्षा को इस समय की सबसे बड़ी जरूरत बड़ी जरूरत करार दिया।

वेबिनार में अतिथियों का स्वागत हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने किया। उन्होंने प्रास्ताविक उद्बोधन में नई शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में बोलते हुए मातृभाषा में शिक्षा के समक्ष आने वाली चुनौतियों और संभावनाओं पर प्रकाश डाला। आभार आयोजन के सचिव व प्राध्यापक डॉ संतोष गिरहे ने माना। डॉ मधुलता व्यास, डॉ सोनू जेस्वानी, डॉ गजानन पोलेनवार ने अतिथि वक्ताओं का परिचय दिया। प्रतिभागियों की तरफ से डॉ विजय कलमधार, डॉ गंगाधर वानोडे, डॉ राहुल म्हसैकर ने अपने विचार व्यक्त किए। वेबिनार में सैकड़ों लोग शामिल हुए।
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।