स्मृति शेष: और बप्पी लहरी ने कहा- सोना मेरे कारण महंगा नहीं

February 17th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। बप्पी लहरी अपनी पत्नी और बेटी के साथ दैनिक भास्कर कार्यालय में आए थे। उनकी हिन्दी में बंगाली का पुट देखते ही बनता था। उनके आग्रह पर बिटिया ने एक सुंदर सा गीत गाकर भी सुनाया। उनकी जिंदादिली का अनुमान उनके व्यवहार से ही छलकता था। सभी जानते हैं कि बप्पी लहरी का गायन अपने ढंग का अलग रहा है और वह उनको भीड़ से अलग बनाता भी रहा है। वे फोटो सिंथेटिक चश्मा पहनते थे। उनसे पूछा गया कि इस चश्मे से आपको संगीत को देखने का नजरिया बदलता तो नहीं, तो वे जोर से हंसे और बोले वह सब तो नहीं होता, किंतु मैं अगले के बारे में क्या राय बना रहा हूं, उसका अनुमान वह मेरी आंखों में झांक कर नहीं बना सकता। वैसे भी हमारी किरदार की दुनिया है, हमें एक ही समय में अलग-अलग किरदार निभाने पड़ते हैं।

उस समय सोने के भाव काफी बढ़ रहे थे। सभी जानते हैं कि वे किसी और संगीतकार की तुलना में या यूं कहें कि सबसे अधिक सोना पहनते थे, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। उनसे पूछा गया कि बाजार में सोना आपके कारण तो महंगा नहीं हो रहा है, तो वे हंसे और बोले मैं आपका कटाक्ष समझ रहा हूं, किंतु मैं 2-3 किलो सोना नहीं पहनता हूं। मुझे सोने का शौक काफी रहा है, जो सर्वविदित है। 

बप्पी लहरी का ऑरेंजसिटी से रहा खास लगाव
संतरानगरी से बप्पी लहरी का खास लगाव रहा है। वे 6 से ज्यादा बार यहां आ चुके हैं। चार कार्यक्रमों में दैनिक भास्कर मीडिया पार्टनर भी रह चुका है। पत्नी चित्राणी और बेटी रीमा के साथ आए। जब भी वे उपराजधानी आते, तो गणेश टेकड़ी मंदिर और ताजाबाद जाकर अभ्यर्थना जरूर करते थे।