दैनिक भास्कर हिंदी: अन्ना हजारे 2 अक्टूबर से करेंगे भूख हड़ताल, लोकपाल मुद्दे पर टालमटोल करने से हैं नाराज

September 30th, 2018

डिजिटल डेस्क, अहमदनगर। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे 2 अक्टूबर गांधी जयंती से रालेगण सिद्धि में भूख हड़ताल करने जा रहे हैं।  हड़ताल शुरू करने जा रहे अन्ना हजारे ने कहा है कि जिस आंदोलन के कारण भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) केंद्र की सत्ता में आई और अब पिछले चार सालों से लोकपाल के मुद्दे पर टालमटोल कर रही है। 

उन्होंने कहा कि  29 मार्च 2018 को रामलीला मैदान में मेरा अनशन छुड़ाने के लिए लिखित आश्वासन दिया गया था। उस लिखित आश्वासन पर विश्वास करके 29 मार्च 2018 को अनशन वापस लिया था। अनशन छूटने के बाद छह माह में सरकार ने अन्ना के साथ हुए पत्र व्यवहार में लिखित आश्वासन के किसी मुद्दे पर  ठीक से जवाब नही दिया।  

प्रधानमंत्री को लिखा खत

समाजसेवी अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे खत में कहा कि आपकी सरकार सत्ता में आ कर चार साल बीत गए हैं। 16 अगस्त 2011 को लोकपाल, लोकायुक्त नियुक्ति हो इसलिए पूरा देश रास्ते पर उतर गया था। आजादी के बाद पहली बार देश में इतना बड़ा आंदोलन जनता ने किया था। जनता के उस आंदोलन के बदौलत आपकी सरकार सत्ता में आयी है। कृतज्ञता यह हमारी देश की संस्कृति है। इसलिए आपकी सरकार ने जनता के प्रति कृतज्ञता की भावना व्यक्त करते हुए उनकी मांग को सब से पहले प्राथमिकता देना जरूरी था। लेकिन चार साल से भी अधिक समय बीत गया है, लेकिन सरकार कुछ न कुछ बहाना निकाल कर लोकपाल, लोकायुक्त नियुक्ति को टालते गई है।

दुखः इस बात का होता है कि, संविधान के आधार पर कानून बनते हैं उन कानून का सही अमल हो इसलिए न्याय होता है। ऐसे स्थिति में भी सर्वोच्च न्यायालय ने आपकी सरकार को कई बार लोकपाल नियुक्ति के लिए फटकार लगाई है। फिर भी आपकी सरकार लोकपाल, लोकायुक्त नियुक्ति नहीं कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय ने लोकपाल नियुक्ति कब करेंगे इसलिए अफिडेविट मांगा था। सरकार से अफिडेविट मांगना हम देशवासियों का दुर्भाग्य ही समझना होगा। आश्चर्यजनक बात यह है कि, कृतज्ञता के भावना से लोकपाल, लोकायुक्त तो नहीं किया लेकिन आपकी सरकार ने धारा 44 में संशोधन कर के इस बिल को कमजोर किया। क्या इसको कृतज्ञता कहेंगे या कृतघ्नता? अण्णा हजारे ने सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जताते हुए 2 अक्टूबर से भूख हड़ताल करने का ऐलान किया है।