हार की समीक्षा : गहलोत सरकार के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए अरुण सिंह का राजस्थान दौरा

November 12th, 2021

हाईलाइट

  • गहलोत सरकार को घेरने की रणनीति

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजस्थान की कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बनाम पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की चल रही लड़ाई के बावजूद विधान सभा उपचुनाव और पंचायत चुनाव के नतीजों ने भाजपा की परेशानी बढ़ा दी है। इन चुनावों में मिली हार की वजह तलाशने और राजस्थान सरकार को घेरने के लिए भविष्य की रणनीति बनाने के मकसद से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के प्रभारी अरुण सिंह प्रदेश के दौरे पर जा रहे हैं।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए भाजपा के एक नेता ने बताया कि राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह प्रदेश दौरे के दौरान शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश से जुड़े वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं और चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभालने वाले नेताओं के साथ बैठक कर हार के कारणों पर मंथन करेंगे। बताया जा रहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ दो अलग-अलग बैठकें करेंगे। एक बैठक में विधान सभा उपचुनाव में मिली करारी हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी तो वहीं दूसरी बैठक में पंचायत चुनाव के नतीजों को लेकर समीक्षा की जाएगी।

पार्टी नेताओं के साथ बैठक के दौरान अरुण सिंह कानून व्यवस्था और राज्य सरकार के कामकाज को लेकर गहलोत सरकार को घेरने की रणनीति पर भी चर्चा करेंगे। दरअसल राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के गठन के बाद से ही सचिन पायलट ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। कांग्रेस की इस आपसी लड़ाई के बहाने भाजपा लगातार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर सिर्फ कुर्सी बचाने में लगे रहने का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार के कामकाज और कानून व्यवस्था के मुद्दें को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधती रही है। लेकिन पिछले महीने राज्य की दो विधान सभा सीटों- धरियावद और वल्लभनगर में हुए उपचुनाव के नतीजों ने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। वल्लभनगर सीट पर कांग्रेस ने जहां अपना कब्जा बरकरार रखा वहीं धरियावद जैसी मजबूत सीट को भी भाजपा से छीन लिया।

राज्य में 2023 में होने वाले विधान सभा चुनाव में कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर करने का दावा करने वाली भाजपा को इन दोनों सीटों पर ही करारी हार का सामना करना पड़ा । धरियावद सीट पर भाजपा उम्मीदवार को तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा जबकि वल्लभनगर सीट पर तो जनता ने भाजपा को चौथे नंबर पर धकेल दिया। राजस्थान के दो जिलों - अलवर और धौलपुर में हुए पंचायत चुनाव के नतीजों ने भी भाजपा की चिंता बढ़ा दी है और ऐसे में अरुण सिंह के इस राजस्थान दौरे को पार्टी के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

(आईएएनएस)