दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र : बुलेट ट्रेन के लिए काटने पड़ेंगे 54 हजार मैंग्रोव 

June 25th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 13.36 हेक्येटर क्षेत्र के लगभग 54 हजार मैंग्रोव प्रभावित होंगे। प्रदेश के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने विधान परिषद में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। रावते ने बताया कि बुलेट ट्रेन परियोजना ऊंची पिलर्स पर प्रस्तावित है। इसलिए मैंग्रोव तोड़ने का प्रमाण कम होगा। पर्यावरण की बड़ी हानि नहीं होगी। एक सवाल के जवाब में रावते ने कहा कि नई मुंबई के मैंग्रोव तोड़े नहीं जाएंगे। रावते ने कहा कि मैंग्रोव काटे जाने पर एक पेड़ की जगह पांच नए पेड़ लगा जाएंगे। रावते ने कहा कि किसानों को उचित मुआवजे के बाद ही परियोजना के लिए जमीन ली जाएगी। शिवसेना सदस्य मनीषा कायंदे ने इस संबंध में सवाल पूछा था। 

पानी के 10103 नमूनों की रासायनिक जांच

नागपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में अक्टूबर 2018 से मार्च 2019 के बीच पानी के 10103 नमूनों की रासायनिक जांच की गई जिसमेंसे 5878 नमूने पीने के योग्य नहीं पाए गए। साथ ही साल 2018-19 में पानी के 14722 नमूनों की अनुजैविक जांच की गई औरइनमें से 1343 नमूने अयोग्य पाए गए। जिन जलस्त्रोतों के पानी पीने योग्य नहीं है वहां सूचना बोर्ड लगा दिए गए हैं। प्रश्नकाल केदौरान जलापूर्ति व स्वच्छता मंत्री बबनराव लोणीकर ने यह जानकारी दी। भाजपा के डॉ मिलिंद माने ने नागपुर शहर की सीमा केपास स्थित गांवों में साफ पानी की सप्लाई से जुड़ा सवाल पूछा था जवाब में मंत्री लोणीकर ने बताया कि केंद्र सरकार की अमृतयोजना के तहत चिंचभुवन, मनीषनगर, दाभा और वाठोडा गांवों में पाइपलाइन बिछाने के निर्देश मनपा आयुक्त को दे दिए गए है।इसके अलावा इसके अलावा नरसाला इलाके में हुडकेश्वर नरसाला जलआपूर्ति योजना के तहत जलापूर्ति की व्यवस्था की जा रही है।  

खराब चिक्की के मामले में सुप्रसिद्ध कंपनी पर 5 लाख का जुर्माना

लोणावला की चिक्की बनाने वाली मशहूर कंपनी मगनलाल फूड प्रोडक्ट से तय मानकों के मुताबिक चिक्की न बनाने के लिए 5 लाखरुपए का जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा चिक्की के तय मानक के मुताबिक होने तक उसके उत्पादन पर रोक लगा दी गईथी। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए सवाल के जवाब में अन्न व औषधि विभाग के राज्यमंत्री मदन येरावर ने यहजानकारी दी। राकांपा के जयंत पाटील, छगन भुजबल, कांग्रेस के असलम शेख आदि सदस्यों ने खाने चिक्की की खराब गुणवत्ताऔर छापेमारी से जुड़ा सवाल पूछा था। जवाब में मंत्री येरावार ने बताया कि एफडीए ने बिना किसी शिकायत के मगनलाल फूडप्रोडक्ट समेत 8 उत्पादकों के कारखानों पर अचानक छापेमारी की और चिक्की की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर उनका उत्पादनकरीब ढ़ाई महीने रोकने के साथ जुर्माना वसूला है। येरावर ने बताया एफडीए ने 1014 ठिकानों पर खाद्यउत्पादों की जांच की जिनमेंसे 259 के लाइसेंस रद्द किए गए हैं।

15 दिनों में होगा परीक्षा शुल्क का भुगतान

सूखा प्रभावित इलाकों के विद्यार्थियों की परीक्षा शुल्क अगले शैक्षणिक सत्र से सीधे उनके बैंक खाते में दिया जाएगा। परीक्षा शुल्क मिलने में हो रही देरी के चलते सरकार सूखाग्रस्त इलाकों में 15 दिनों में होगा परीक्षा शुल्क का भुगतान, शिक्षा मंत्री आशीष शेलार ने विधानसभा को बताया कि इस साल के परीक्षा शुल्क का भुगतान अगले 15 दिनों में कर दिया जाएगा।भाजपा के भीमराव धोंडे ने सूखा प्रभावित इलाकों के विद्यार्थियों की परीक्षाशुल्क माफ करने से जुड़ा सवाल पूछा था जवाब में मंत्रीशेलार ने बताया कि जिन इलाकों को देरी से सूखाग्रस्त घोषित किया गया वहां वे विद्यार्थियों को भी शुल्कमाफी का लाभ दियाजाएगा।

सीआईडी को सौपी गई अमरावती विश्वविद्यालय पेपर लीक मामले की जांच 

संतगाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज के पेपर लीक मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई है। इसके अलावा इस मामले में शामिल लर्निंग स्पाइरल कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है साथ ही इस कंपनी के निदेशक जिन कंपनियों में शामिल होंगे उन्हें राज्य में विश्वविद्यालयों के जुड़े काम का ठेका नहीं मिलेगा। उच्च व तकनीकी शिक्षामंत्री विनोद तावडे ने विधानसभा में यह ऐलान किया। इस मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए तावडे ने कहा कि संबंधित कंपनी का चयन टेंडर प्रक्रिया के आधार पर किया गया था। कांग्रेस के विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने इंजीनियरिंग कॉलेज में पेपर लीक से जुड़ा सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि सिर्फ 200 रुपए रोजाना की दिहाड़ी पर काम करने वाला शख्स चार पहिया गाड़ियों में घूमता है इससे साफ पता चलता है कि वह उल्टे रास्तों से मोटी कमाई कर रहा है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। जवाब में उच्च व तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री रविंद्र वायकर ने सदन को बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि इंजीनियरिंग मैकेनिक्स, मैथमेटिक्स , नेटवर्क एनालिसिस और इंजीनियरिंग केमिस्ट्री इन चार विषयों के पेपर लीक किए गए थे। इस मामले में बैंगलुरू की माईंड लॉजिक्स इंफ्राटेक और लर्निंग स्पायरल इन दोनों कंपनियों की भूमिका की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच के बाद अगले दो महीनों में रिपोर्ट तैयार कर सदन को जानकारी दी जाएगी। वायकर ने बताया कि छानबीन के लिए विश्वविविद्यालय के कुलगुरू ने डीन डॉ एफसी रघुवंशी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी। 15 लोगों को जांच समिति के सामने बुलाकर उनके मौखिक और लिखित बयान दर्ज किए गए। जांच में साफ हुआ कि बैंगलुरू की माइंड लॉजिक्स इंफ्राटेक कंपनी के सर्वर से प्रश्नपत्र वाशिम सन्मती इंजीनियरिंग कॉलेज के क्लर्क और फिर लर्निंग स्पाइरल कंपनी के अस्थायी कर्मचारी तक पहुंचा जिन्होंने विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र भेजे

जलयुक्त शिवार योजना के काम में हुआ भ्रष्टाचार

पुणे के पुरंदर तहसील में जलयुक्त शिवार योजना के काम में भ्रष्टाचार हुआ है। विधान परिषद में प्रदेश के जलसंरक्षण मंत्री तानाजी सावंत ने यह बात स्वीकार की है। सोमवार को प्रश्नकाल में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने जलयुक्त शिवार के काम हुए भ्रष्टाचार की एसीबी से जांच कराने की मांग की। विपक्ष के सदस्य जलयुक्त के कामों में हुए भ्रष्टाचार की जांच एसीबी से कराने की मांग को लेकर आक्रामक हो गए। इसके जवाब में मंत्री सावंत ने कहा कि पुरंदर में जलयुक्त शिवार के कामों में भ्रष्टाचार होने के बारे में पता चलते ही जलसंरक्षण विभाग के माध्यम से जांच शुरू की गई है। पुरंदर में 1300कामों की जांच चल रही है। इसमें से 4 कामों की रिपोर्ट मिल चुकी है। सभी जांच की तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद विशेषज्ञों की राय ली जाएगी। इसके बाद हम तय करेंगे कि यह मामला एसीबी से जांच कराने लायक है या नहीं। मंत्री के इस जवाब में विपक्ष के नेता मुंडे आक्रामक हो गए। उन्होंने कहा कि जलसंरक्षण विभाग के साथ ही एसीबी की भी जांच हो सकती है। इस पर सावंत ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जरूरत पड़ी तो एसीबी से जांच के लिए आदेश दिए जाएंगे। इस दौरान सावंत ने कहा कि प्रदेश में जलयुक्त शिवार का काम अच्छे तरीके से चल रहा है लेकिन कुछ इलाकों में आरटीआई कार्यकर्ता काम में बांधा पहुंचाने का काम करते हैं। इसके बाद विपक्ष आक्रामक हो गया। हंगामे के कारण सभापति रामराजे नाईक-निंबालकर ने सवाल को सुरक्षित रख लिया। 

नागपुर में कैंसर अस्पताल के निर्माण के लिए बुलाई जाएगी बैठक

नागपुर के शासकीय चिकित्सकिय महाविद्यालय व अस्पताल में कैंसर अस्पताल का निर्माण काम जल्द शुरू करने को लेकर उपराजधानी में बैठक बुलाई जाएगी। विधान परिषद में प्रदेश के मेडिकल शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन ने यह आश्वासन दिया। प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य गिरीश व्यास ने नागपुर में कैंसर अस्पताल के निर्माण काम शुरू करने को लेकर सवाल पूछा था। महाजन ने कहा कि कैंसर अस्पताल का निर्माण काम एनआईटी को करना है। इसके लिए 76 करोड़ 10 लाख मंजूर किया गया है। कैंसर अस्पताल के निर्माण के लिए जल्द ही भूमिपूजन किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में महाजन ने कहा कि औरंगाबाद के कैंसर इंस्टीट्यूट को लेकर भी बैठक बुलाई जाएगी। महाजन ने बताया कि जलगांव में कैंसर इंस्टीट्यूट शुरू करने की मांग केंद्र सरकार से की गई है। इस बारे में जल्द ही फैसला होने की उम्मीद है। 

31 दिसंबर के बाद नंदुरबार में पेट्रोल-डीजल पर नहीं लगेगा सेस

नंदूरबार शहर में पेट्रोल और डीजल पर 31 दिसंबर 2019 के बाद सेस नहीं लगेगा। विधान परिषद में प्रदेश के वित्त राज्य मंत्री दीपक केसरकर ने यह घोषणा की। सदन में कांग्रेस सदस्य चंद्रकांत रघुवंशी ने इस संबंध में सवाल पूछा था। रघुवंशी ने कहा कि सेस के कारण नंदुरबार में डीजल प्रति लीटर 1.50रुपए और पेट्रोल प्रति लीटर 70पैसे महंगा पड़ता है। इसके जवाब में केसरकर ने कहा कि नंदूरबार शहर के विकास के लिए 16 करोड़ 43लाख रुपए खर्च किए गए थे लेकिन अभी तक केवल 8करोड़ 50लाख रुपए की वसूली हो पाई है। नंदूरबार आदिवासी जिला होने के कारण विशेष फैसले के तहत सेस लागू करने के लिए साल 2019के बाद अधिसूचना जारी नहीं की जाएगी। 

 

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