दैनिक भास्कर हिंदी: कोरोना से बचाव : डोनर से प्लाज्मा लेने की प्रक्रिया होगी शुरू

June 23rd, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी की दवा तैयार करने को लेकर शासकीय वैद्यकीय अस्पताल और महाविद्यालय में भी प्रयास शुरू हो गए हैं। यहां प्लाज्मा थेरेपी ट्रायल की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसके लिए अत्याधुनिक मशीन मंगाई जा चुकी हैं। मेडिकल के प्लाज्मा प्रोजेक्ट से जुड़े चिकित्सकों ने दावा किया कि इस मशीन के माध्यम से शरीर से प्लाज्मा अलग करना आसान होगा। खास बात यह है कि प्लाज्मा अलग होकर खून डोनर (रक्तदाता) के शरीर में चला जाएगा। ऐसे करीब 2000 रक्तदाताओं की बाकायदा सूची भी तैयार हो गई है। वर्तमान में सभी केंद्रों पर 4 से 5 डोनर तैयार हो चुके हैं। अब प्रशासन की ओर से अनुमति मिलना शेष है, वह भी जल्द मिल जाएगा। इसके बाद 2 से 3 दिन मंे प्लाज्मा निकाला जाएगा। इस मशीन में डोनर से ब्लड मशीन के माध्यम से निकालेंगे। 

मेयो और मेडिकल में पहुंचीं मशीनें
 प्लाज्मा थेरेपी के लिए नई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह मशीन नागपुर के मेडिकल अस्पताल और मेयाे में रविवार को आ चुकी है। मशीन को स्थापित कर डेमन्स्ट्रेशन भी कर लिया गया है। ब्लड मशीन में जाने के बाद उसमें प्लाज्मा पीले पानी के रूप में अलग ट्यूब से बाहर चला जाएगा। दूसरे ट्यूब से ब्लड फिर से डोनर के शरीर में चला जाएगा। इससे उन्हें कमजोरी महसूस नहीं होगी। इतना सबकुछ करने में मात्र आधा घंटा का समय लगेगा।

राज्य शासन की मंजूरी के बाद महत्वपूर्ण कदम
मेडिकल अस्पताल और कॉलेज के डीन डॉ. सजल मित्रा, सेक्रेटरी डॉ. संजय मुखर्जी की पहल पर यह सब संभव होने जा रहा है। इसके प्रमुख डॉ. सुशांत मेश्राम हैं। हम डोनर से अपील कर उन्हें बता रहे हैं कि इससे किसी और की जिंदगी बचाई जा सकती है। महाराष्ट्र के 11 केंद्रों पर मशीनें आ चुकी हैं। नागपुर मेडिकल अस्पताल में इसका डेमन्स्ट्रेशन भी हो चुका है। राज्य शासन की एक मंजूरी शेष रह गई है। वह आने के बाद प्लाज्मा थेरेपी योजना के लिए महप्वपूर्ण कदम लिया जाएगा।  - डॉ. मोहम्मद फैजल, नोडल ऑफिसर, प्लाज्मा प्रोजेक्ट, शासकीय वैद्यकीय अस्पताल एवं महाविद्यालय

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