दैनिक भास्कर हिंदी: करोड़ों की डील में घिरे बावनकुले, दिल्ली बुलाकर झारखंड के विधायकों को दिया प्रलोभन

July 27th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तथा प्रदेश के अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने झारखंड की जेएमएम-कांग्रेस सरकार गिराने को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री तथा प्रदेश भाजपा के महासचिव चंद्रशेखर बावनकुले और भाजपा के कई नेताओं पर षड्यंत्र करने का गंभीर आरोप लगाए हैं। मलिक ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए झारखंड पुलिस की एसआईटी टीम मुंबई आने वाली है। महाराष्ट्र सरकार और यहां की पुलिस पूरी तरह से सहयोग करेगी।

गिरफ्तार पत्रकार ने किए हैं खुलासे : हमारे मुंबई ब्यूरो के अनुसार, सोमवार को प्रदेश राकांपा कार्यालय में मलिक ने कहा कि झारखंड सरकार गिराने की साजिश में महाराष्ट्र कनेक्शन सामने आ रहा है। गिरफ्तार पत्रकार अभिषेक दुबे ने कई अहम खुलासे किए हैं। बावनकुले के भांजे और कारोबारी जय कुमार बेलखेड़े के जरिए झारखंड के कांग्रेसी विधायकों अमित कुमार यादव व इरफान अंसारी तथा निर्दलीय विधायक उमाशंकर अकेला को दिल्ली बुलाया गया था। पांच सितारा होटल में बावनकुले ने महाराष्ट्र भाजपा के दो विधायकों के साथ मुलाकात की थी। लेन-देन की बात के बाद तीनों विधायक झारखंड लौट गए। इसके बाद 21 जुलाई 2021 को मुंबई भाजपा के पूर्व महासचिव मोहित भारतीय, अमित यादव और आशुतोष ठक्कर झारखंड की राजधानी रांची के एक होटल में मिले। विधायकों को प्रलोभन दे रहे थे। पुलिस छापे की आहट लगी तो मुंबई लौट आए। बाद में झारखंड पुलिस के छापे में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई। इसमें एक शराब कारोबारी है। मलिक ने कहा कि बावनकुले कह रहे हैं कि उन्होंने झारखंड को देखा नहीं है, लेकिन जांच में बावनकुले के झारखंड में नहीं, बल्कि दिल्ली में जाने की बात सामने आ रही है।

मंत्री पद के साथ 50 करोड़ : मलिक के अनुसार झारखंड के सत्ताधारी विधायकों को मंत्री पद और 50 करोड़ देने का प्रलोभन दिया जा रहा है। भाजपा यदि इस राशि का इस्तेमाल महाराष्ट्र में बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए करती तो जनता के बीच उसकी स्वीकार्यता बढ़ती।  

आरोप बेबुनियाद : जबकि प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने कहा कि मलिक के आरोपों में कोई तथ्य नहीं है। बेबुनियाद बातों पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है। 

सरकार गिराने की मेरी औकात नहीं
भाजपा नेता बावनकुले ने कहा कि मेरी झारखंड सरकार गिराने की औकात नहीं है। मैंने आज तक झारखंड देखा ही नहीं है। मैं महाराष्ट्र भाजपा का नेता हूं। मेरा झारखंड से क्या लेना देना है? वहां जाकर मैं सरकार गिराने की साजिश करूं यह कैसे हो सकता है? किसी ने मुझे बदनाम करने की साजिश की है। मुझे नहीं मालूम कि आरोपियों ने मेरा नाम क्यों लिया है, लेकिन यह बात पक्की है कि मैंने झारखंड नहीं देखा है। पुलिस अपनी जांच करेगी।

बावनकुले के भांजे बेलखेड़े का देश भर में संपर्क जाल
झारखंड विधायक खरीद प्रकरण में चर्चा में आए जयकुमार बेलखेड़े का संपर्क जाल देश भर में फैला है। वह विविध राज्याें में नेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क में रहता है। खास बात यह है कि पूर्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले व पूर्व नगराध्यक्ष चरणसिंह ठाकुर से भी उसके नजदीकी संबंध रहे हैं। विविध राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजनों में भी वह जिम्मेदारी संभालते रहा है। फिलहाल यह तय नहीं है कि बावनकुले के साथ बेलखेडे के व्यावसायिक संबंध है या नहीं। संवाद माध्यमों से आ रही खबरों में उसे बावनकुले का भांजा बताया गया है। वह मूलत: वर्धा जिले के कारंजा लाड का निवासी है,  लेकिन काफी समय से काटोल क्षेत्र में सक्रिय है। वह भारतीय सेना में रहा है। काटोल में एक सैनिक स्कूल का संचालन भी कर रहा है। उस स्कूल में 1 हजार से अधिक विद्यार्थियों का दाखिला है।

बताया जा रहा है कि बेलखेड़े के सैनिक स्कूल में विविध राज्यों के राजनीतिक परिवार के बच्चें भी प्रशिक्षण के लिए आते हैं। फिलहाल इस मामले में बेलखेड़े का बयान सामने नहीं आया है। बावनकुले ने इस मामले से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।  चरणसिंह ठाकुर भी चंद्रशेखर बावनकुले के बयान को दोहराते हुए कह रहे हंै कि उन्होंने झारखंड नहीं देखा है। ठाकुर ने कहा है कि पारडसिंगा मंदिर परिसर विकास की योजना के संबंध में वे 15 जुलाई को दिल्ली गए थे। 16 जुलाई को ही नागपुर लौट आए थे। झारखंड के किसी विधायक से मुलाकात नहीं की। 
 

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