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भंडारा अस्पताल अग्निकांड : सीएम ने दिए राज्य के सभी अस्पतालों के फायर ऑडिट के निर्देश 

भंडारा अस्पताल अग्निकांड : सीएम ने दिए राज्य के सभी अस्पतालों के फायर ऑडिट के निर्देश 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भंडारा के जिला अस्पताल में आग लगने से 10 बच्चों की मौत से पूरा राष्ट्र मर्माहत है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। मुख्यमंत्री ने अग्निकांड में जान गवाने वाले बच्चों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य के सरकारी अस्पतलों में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने राज्य के सभी अस्पतालों का फायर ऑडिट किए जाने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर इस घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी घटना पर दुख जताया है। मुख्यमंत्री ठाकरे के अलावा उपमुख्यमंत्री अजित पवार, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे व स्वास्थ्य राज्यमंत्री राजेंद्र पाटील-यड्रावकर ने भंडारा के जिलाधिकारी से चर्चा कर घटना की विस्तृत जानकारी ली। शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री टोपे भंडारा पहुंचे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना सन्न करने वाली है। अस्पताल के कर्मचारियों ने सात बच्चों को बचा लिया है। अस्पताल के कर्मचारियों ने आग फैलने से रोकने के लिए पूरा प्रयास किया। श्री ठाकरे ने कहा कि सुरक्षित बचे बच्चों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए मामले की पूरी जांच जरुरी है। मैंने स्वास्थ्य मंत्री से कहा है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि नागपुर फायर ब्रिगेड अभियांत्रिकी कालेज के विशेषज्ञ व बिजली विभाग के अधिकारी भंडारा पहुंच कर आग लगने के कारणों की पड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस इमारत में बच्चों के लिए कक्ष 2015 में शुरु किया गया था। इसका ऑडिट हुआ था अथवा नहीं इसकी पूरी जानाकरी लेकर कार्रवाई की जाएगी।

बच्चों की चीख को अनसुना करने वाले मंत्री हटाए जाएं : भाजपा 

प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता विधायक राम कदम ने अग्निकांड में बच्चों की मौत को हत्या करार हुए देते हुए मुख्यमंत्री से संबधित मंत्री का इस्तीफा लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार मंत्रियों को नैतिकता के आधार पर खुद इस्तीफा दे देना चाहिए। श्री कदम ने कहा कि जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को एक-एक करोड़ की आर्थिक मदद दी जानी चाहिए। भाजपा विधायक ने कहा कि बच्चों की दर्दनाक मौत बेहद आहत करने वाली है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।