मुंबई: भावना गवली-केसरकर ने भी शिंदे के सुर में मिलाया सुर

June 22nd, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। शिवसेना के बागी नेता तथा प्रदेश के नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे के समर्थक विधायकों की संख्या बढ़ती जा रही है। बुधवार को सिंधुदुर्ग की सावंतवाडी सीट से शिवसेना विधायक दीपक केसरकर शिंदे के सुर में सुर मिलाते नजर आए। यवतमाल-वाशिम सीट से शिवसेना सांसद भावना गवली ने भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर भाजपा के साथ गठबंधन करने का आग्रह किया है।  हालांकि देर शाम मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिया है कि कांग्रेस और राकांपा गठबंधन के साथ बने रहेंगे।  इसके पहले सुबह केसरकर ने कहा कि मैं पिछले डेढ़ साल से मुख्यमंत्री से भाजपा के साथ दोबारा गठबंधन करने के लिए आग्रह कर रहा हूं। इसके लिए लगातार प्रयास कर रहा हूं। केसरकर ने कहा कि जिन विधायकों ने बगावत की है उनकी नाराजगी कोई नई बात नहीं है।

बागी विधायकों के निर्वाचन क्षेत्र मंछ साल 2019 के विधानसभा चुनाव में उनके प्रतिस्पर्धी प्रत्याशी राकांपा अथवा कांग्रेस के थे। महाविकास आघाड़ी सरकार में शिवसेना विधायकों के प्रतिस्पर्धी राकांपा और कांग्रेस के नेताओं को ताकत दी जा रही है। इससे शिवसेना के विधायकों में असुरक्षा की भावना है। पिछले कुछ महीनों में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे उपलब्ध नहीं थे। इसलिए शिवसेना के विधायक शिवसेना के दूसरे नेताओं तथा प्रदेश के नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे से मिलकर अपनी शिकायतों को रखते हैं। इसीलिए शिवसेना के विधायकों और शिंदे के बीच इतनी करीबी आ गई। इसी वजह से शिंदे के साथ कई विधायक गए हैं। केसरकर ने कहा कि मेरी कोई व्यक्तिगत अपेक्षा नहीं है। लेकिन सरकार चलाते समय प्रदेश और केंद्र सरकार का तालमेल होना चाहिए। भले ही वह सरकार विपक्ष की ही क्यों न हो।

देसाई से कहा, मैं यह सहन नहीं करुंगा
केसरकर ने कहा कि मंगलवार देर रात को होटल से निकलते समय मुझे शिवसैनिकों ने रोकने का प्रयास किया। मैंने शिवसेना सांसद अनिल देसाई को फोन करके कह दिया कि मैं यह सहन नहीं कर सकता हूं। इसके बाद बुधवार सुबह से मेरे घर पर निगरानी रखी जा रही है। केसरकर ने कहा कि शिवसेना के कार्यकर्ता मुझे शिंदे गुट के पास जाने के लिए क्यों मजबूर कर रहे हैं? केसरकर ने कहा कि गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर माध्यम से मुझे भाजपा में प्रवेश के लिए सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आया था। मैं इतना बड़ा मौका छोड़कर राकांपा से शिवसेना में आया हूं। मेरा कम से कम सम्मान रखा जाना चाहिए। दूसरी ओर शिवसेना सांसद भावना ने मुख्यमंत्री को लिखे में पत्र में कहा है कि पार्टी के विधायक हिंदुत्व के मुद्दे पर अलग फैसला लेने की मांग कर रहे हैं। बागी विधायकों पर कोई कार्रवाई न की जाए। भावना ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपके लिए फैसला कठिन है लेकिन इस पर निर्णय लीजिए।