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स्कूल में 9वीं की छात्रा से 18 लोग करते रहे गैंगरेप, प्रिंसिपल समेत 6 गिरफ्तार

July 08th, 2018 00:35 IST

डिजिटल डेस्क, छपरा। बिहार में शिक्षा के मंदिर में ही ऐसा घिनौना और शर्मनाक काम हो रहा था, जिसके बारे में जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। मामला छपरा के परसागढ़ में एक निजी स्कूल का है, जहां 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ पिछले 7 महीनों से रेप हो रहा था। इस घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों में दहशत का माहौल है। जिस शिक्षा के मंदिर में ज्ञान बांटा जाता है। वहीं प्रिंसिपल से लेकर शिक्षक और कुछ छात्र इस वारदात में शामिल हैं। बच्ची के साथ 18 लोगों ने सात महीने तक दुष्कर्म किया। शर्मसार कर देने वाले इस मामले पुलिस ने प्रिसिंपल समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

छपरा सदर डीएसपी ए के सिंह डीएसपी ने बताया कि परसागढ़ दीपेश्वर बाल निकेतन की10वीं छात्रा है। शनिवार को छात्रा ने थाने में बयान दर्ज कराया। लिखित शिकायत के आधार पर  प्रारंभिक रिपोर्ट दर्ज की गई है, कुल 18 आरोपियों में से 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

एकमा थाना के परसागढ़ स्थित दिपेश्वर स्कूल की पीड़ित छात्रा ने अपने स्कूल के प्रिंसिपल और दो शिक्षकों के साथ 15 अन्य छात्रों पर गैंगरेप का आरोप लगाया है। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी प्रिसिंपल उदय सिंह समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। कुल 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता ने बताया कि उसके साथ यह सब 2017 से हो रहा था। पहले स्कूल के तीन छात्रों ने टॉयलेट में उसके साथ रेप किया और उसका वीडियो बना लिया। इसके बाद इन छात्रों ने छात्रा को वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर दूसरे छात्रों के साथ संबंध बनाने के लिए भी मजूबर किया। 

प्रिंसिपल और दो शिक्षकों ने भी किया रेप

जब पीड़ित छात्रा ने इसकी शिकायत स्कूल प्रबंधन से की, तो स्कूल प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की। स्कूल प्रबंधन के लोगों ने इस घिनौने काम को न सिर्फ छिपाया, बल्कि खुद भी छात्रा के साथ रेप करने लगे। बार-बार उसके साथ स्कूल में यह घिनौना काम होने लगा। परेशान छात्रा ने अपने परिजनों को यह बात बतायी और फिर मामला पुलिस के पास पहुंचा। सारण एसपी हरकिशोर राय ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए डीएसपी राजकुमार सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा और स्कूल के प्रिंसिपल समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

एसडीपीओ कर रहे जांच

पुलिस ने पीड़ित छात्रा को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा और बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपित प्राचार्य उदय कुमार उर्फ मुकुंद ने कहा कि स्कूल की बढ़ती लोकप्रियता के कारण कुछ लोगों ने द्वेषवश साजिश रचकर फंसाया है। मैं इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हूं। इस केस की कमान खुद एसडीपीओ संभाल रहे हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस बल के साथ छापेमारी में निकल पड़े हैं।


 

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