दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर में भाजपा-शिवसेना में नहीं थम रहा टकराव

March 19th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  राज्य में अपने मनमुटाव को दूर कर भाजपा-शिवसेना ने लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन किया है। भाजपा और सेना ने राज्य में संयुक्त प्रचार अभियान भी शुरू कर दिया, लेकिन नागपुर जिले में भाजपा और शिवसेना के सदस्यों के दिल जुड़ नहीं पा रहे हैं। जिप में शिवसेना सदस्य भारती गोडबोले द्वारा जिप अध्यक्ष पर जलापूर्ति घोटाले का आरोप लगाने के बाद जिप अध्यक्ष व भाजपा नेता निशा सावरकर ने भी पलटवार किया है। निशा सावरकर ने शिवसेना सदस्य को भ्रष्टाचार साबित करने की चुनौती दी है। सावरकर ने कसी का नाम लिए बिना कहा कि, अगर मेरे कार्यकाल में जलापूर्ति कामों में भ्रष्टाचार हुआ है तो उसे सबूत सहित साबित करके दिखाए। ठीक लोकसभा चुनाव के बीच नागपुर जिले में दोनों के बीच उभरे मतभेदों से पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। 

नागपुर जिला परिषद का यह कार्यकाल दोनों में शुरू से विवादों से भरा रहा। पहले ढाई साल भाजपा ने एनसीपी से गठबंधन कर जिला परिषद की सत्ता चलायी, लेकिन जैसे ही 2014 के विधानसभा चुनाव करीब आए, एनसीपी से हाथ झटककर शिवसेना से गठबंधन कर दोबारा सत्ता संभाली। तब से लेकर अब तक दोनों में तू-तू, मैं-मैं का खेल चल रहा है। उपाध्यक्ष शरद डोणेकर अनेक मर्तबा खुलकर जिप अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते दिखे। उधर, भारती गोडबोले के पति देवेंद्र गोडबोले मौदा में भाजपा को घेरते रहे।

स्थानीय राजनीति में देवेंद्र गोडबोले और टेकचंद सावरकर, एक-दूसरे के धूर-विरोधी रहे हैं। ऐसे में भारती गोडबोले के माध्यम से देवेंद्र, जिप अध्यक्ष को घेरने का मौका नहीं गंवाते। हालांकि इसी राजनीति के चलते पिछले दिनों देवेंद्र गोडबोले को मौदा से तड़ीपार किया गया, जिसके बाद भारती गोडबोले ने मोर्चा संभाल लिया है। जिप सदस्य भारती गोडबोले ने रविवार को जिप में जलसंकट निवारण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हुए जिप को बर्खास्त करने की मांग की। ऐन चुनाव के बीच उठी इस मांग से भाजपा तिलमिला गई है। ऐसे में जिप अध्यक्ष निशा सावरकर ने पत्र जारी कर आरोप लगाने वालों को भ्रष्टाचार के सबूत देने की चुनौती पेश की है। 

उन्होंने कहा कि, पिछले वर्ष की तुलना में इस साल कुओं की खुदाई के काम जल्दी शुरू किए गए हैं। इसके बाद हैंडपंप के लिए लगने वाले केसिंग पाइप आईएस:1239 मानक अनुसार इस्तेमाल किए जाएंगे। काम का दर्जा उत्तम रहेगा और हैंडपंप बंद या खराब होने का प्रमाण कम होगा। खुओं की खुदाई व हैंडपंप के कामों में होने वाला भ्रष्टाचार दूर होगा। ये सभी काम मेरे कार्यकाल में हुए हैं। सिर्फ राजनीतिक स्वार्थ के कारण कुछ सदस्य जिले में जलसंकट को लेकर आरोप कर गलत बयानबाजी कर रहे हैं। मेरे कार्यकाल पर दाग लगाने का असफल प्रयास कर रहे हैं। 

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