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असम में फिर से बनेगी भाजपा के अगुवाई वाले गठबंधन की सरकार: सोनोवाल

असम में फिर से बनेगी भाजपा के अगुवाई वाले गठबंधन की सरकार: सोनोवाल

डिजिटल डेस्क, दिसपुर। असम के मुख्यमंत्री सबार्नंद सोनोवाल ने रविवार को कहा कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले गठबंधन के लगातार दूसरी बार सरकार बनाने को लेकर पूरा भरोसा है। मीडिया से बात करते हुए सोनोवाल ने कहा कि राज्य भर में मतगणना के रुझानों ने स्पष्ट रूप से सुझाव दिया है कि भाजपा दूसरी बार सत्ता में वापस आ रही है। सोनोवाल ने पूर्वी असम में दुनिया के सबसे बड़े नदी द्वीप माजुली से फिर से चुनाव लड़ा है।

भगवा पार्टी के 59 वर्षीय नेता ने कहा कि भाजपा असोम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के साथ गठबंधन कर सरकार बनाएगी। सोनोवाल ने कहा कि असम की जनता ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के लिए जनादेश दिया है। हालांकि, हमें मतगणना पूरी होने तक इंतजार करना होगा और स्पष्ट तस्वीरें तभी सामने आएंगी। नतीजों का रुझान पहले से ही दिखाता है कि लोग हमारी तरफ हैं।

सोनोवाल 2016 में भाजपा के नेतृत्व में पहली बार सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री बने थे। भाजपा ने तब कांग्रेस को हराकर राज्य में सत्ता हासिल की थी। नवीनतम रुझान के अनुसार, सोनोवाल माजुली निर्वाचन क्षेत्र से आगे चल रहे हैं, जबकि कांग्रेस के उनके प्रतिद्वंद्वी राजीव लोचन पेगु पीछे चल रहे हैं। जलुकबरी विधानसभा सीट से मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और पटाचरकुची विधानसभा सीट से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार दास सहित भाजपा के सभी महत्वपूर्ण उम्मीदवार अपनी-अपनी सीटों से आगे चल रहे हैं।

राज्य की कुल 126 सीटों में से भाजपा 60 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि 11 सीटों पर उसकी सहयोगी असोम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) सात सीटों पर आगे चल रही है। मुख्य विपक्षी कांग्रेस 26 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि उसकी सहयोगी अखिल भारतीय यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) 11 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा तीन सीटों पर बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और एक सीट पर सीपीआई एम आगे चल रही है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।