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Assam Assembly Election: असम विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी किया संकल्प पत्र, NRC होगा लागू

Assam Assembly Election: असम विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी किया संकल्प पत्र, NRC होगा लागू

डिजिटल डेस्क, दिसपुर। असम विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने असम में इसे जारी किया। असम के अलावा आज बंगाल पर भी नज़र है, जहां पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चुनावी रैली करेंगे और रोड शो में भी शामिल होंगे। 

जेपी नड्डा ने कहा, असम प्रदेश जो आज से पांच वर्ष पूर्व एक तरीके से स्थूल पड़ गया था और स्थूल के साथ समस्याओं के निराकरण की ना इच्छा शक्ति थी और ना ताकत थी। ऐसे में समस्याओं का जमावड़ा बढ़ा हुआ था उन समस्याओं के समाधान को गति देने का काम पिछले पांच साल में NDA सरकार ने किया है। मिशन शिशु उन्नयन- बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। बच्चों को उच्च गुणत्ता पूर्ण शिक्षा निशुल्क दी जाएगी। आठवीं कक्षा के बाद की छात्राओं को हम साइकिल देंगे जिससे ड्राप आउट रोक सकेंगे। 

बीजेपी संकल्प पत्र की अहम बातें

असम विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने जो संकल्प पत्र जारी किया है। इस संकल्प पत्र ने बीजेपी ने असम की जनता से कई बड़े वादे किए हैं। संकल्प पत्र के मुताबिक मिशन ब्रह्मपुत्र के तहत बाढ़ की समस्या को रोकने का प्रयास किया जाएगा, ताकि असम की जनता को इससे मुश्किल ना हो। वहीं, 30 लाख परिवारों को अरुणोदय योजना के तहत हर महीने 3 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ ही सभी नामघरों को ढाई लाख रुपये की सहायता दी जाएगी, अवैध निर्माण को हटाया जाएगा और सरकारी स्कूलों में सभी बच्चों के लिए मुफ्त में शिक्षा, छात्राओं को आठवीं क्लास के बाद साइकिल दी जाएगी। 

संकल्प पत्र में असम में सही NRC को लागू करने की बात कही गई है। संकल्प पत्र जारी करते हुए जेपी नड्डा ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करेंगे। घुसपैठियों की पहचान की जाएगी। असम में परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। आत्मनिर्भर असम के लिए अभियान चलाया जाएगा. हर क्षेत्रों को मदद दी जाएगी और उन्हें बढ़ावा दिया जाएगा। असम को सबसे तेज़ जॉब क्रिएयर राज्य के तौर पर स्थापित करेंगे। 2 लाख लोगों को सरकारी क्षेत्र में नौकरी, 30 मार्च 2022 तक एक लाख लोगों को नौकरी दे देंगे। निजी क्षेत्र में भी 8 लाख नौकरियों का वादा। स्वामी विवेकानंद के नाम से योजना चलाई जाएगी, जिसमें स्टार्टअप करने वालों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसकी मदद से दस लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य। सभी को जमीन की मल्कियत का हक दिया जाएगा। ताकि असम के आम लोगों को मजबूत किया जा सके।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।