भाजपा कोर कमेटी की बैठक में बनी रणनीति : बजट सत्र में नवाब मलिक के इस्तीफे को लेकर आघाडी सरकार को घेरेगी भाजपा 

February 25th, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई।  आगामी 3 मार्च से शुरु हो रहे विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विपक्ष भ्रष्टाचार के मसले पर सरकार को घेरेगी। राकांपा नेता व राज्य के अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक की गिरफ्तारी के बाद उत्पन्न राजनीतिक परिस्थिति पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में भाजपा की कोर कमेटी की बैठक हुई।   बैठक के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि नवाब मलिक के इस्तीफे को लेकर भाजपा आवाज उठाएगी। मलिक ने जमीन खरीदा है। इस मामले में ही उनकी गिरफ्तारी हुई है फिर इसे बदले की राजनीति कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार महाराष्ट्र की जनसंख्या 11 करोड़ 23 लाख है। जिसमें 1 करोड़ 29 लाख मुस्लिम हैं। पर इनमें से केवल नवाब मलिक को ही क्यों दोषी ठहराया जा रहा है। मुनगंटीवार ने कहा कि राज्य सरकार बार-बार यह कह कर ‘सिर्फ मुस्लिम होने के नाते मलिक का संबंध भगौडे माफिया दाऊद इब्राहिम से जोड़ा जा रहा है’, इस मामले को दूसरा रंग देना चाहती है।  भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार की योजनाओं को सही ढंग से लागू नहीं कर रही है। राज्य में 97331 बूथ पर भाजपा पूरी ताकत से काम कर राज्य की जनता को न्याय देगी। आघाडी सरकार अपना कोई वादा पूरा नहीं कर रही है। इसको लेकर हम सत्ता पक्ष को घेरने का कार्य करेंगे। इस संदर्भ में कोर कमेटी की बैठक में रणनीति बनाई गई है।   बैठक विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस, विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रविण दरेकर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील, पूर्व वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार, व पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे मौजूद थी।

संजय राठोड का इस्तीफा मलिक का क्यों नहीं
मलिक की गिरफ्तारी के बावजूद सत्ताधारी महाविकास आघाडी ने उनका इस्तीफा न लेने का फैसला लिया है। जबकि भाजपा मलिक इस्तीफे की मांग कर रही है। तीन दलों की महा आघाडी सरकार के दो मंत्रियों संजय राठोड व अनिल देशमुख को इस्तीफा देना पड़ा है। वन मंत्री रहे शिवसेना नेता राठोड पर एक लड़की की आत्महत्या के बाद इस्तीफा देना पड़ा था। जबकि राज्य के गृहमंत्री रहे देशमुख पर तत्कालिन मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा रेस्टोरेंट-बार से हर माह 100 करोड़ की वसूली कराने के आरोप के बाद हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई जांच की अनुमति देने के बाद इस्तीफा देना पड़ा था। लेकिन इस बार मलिक पर आतंकी कार्रवाईयों के लिए धन उपलब्ध कराने जैसा गंभीर आरोप में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद भी इस्तीफा न लेने का फैसला लिया जा रहा है। यह बात शिवसेना नेताओं का रास नहीं आ रही है। दरअसल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सलाह पर राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने यह फैसला लिया है। पर इससे सरकार का नेतृत्व कर रही शिवसेना के नेता खुश नहीं हैं।     
 
इस्तीफा लेना न लेना सीएम का विशेषाधिकारः राऊत
मनी लांड्रिग के एक मामले में गिरफ्तार किए गए मंत्री नवाब मलिक को बर्खास्त करने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मांग के बीच शिव सेना नेता संजय राऊत ने शुक्रवार को कहा कि मंत्रिमंडल के अपने किसी सहयोगी का इस्तीफा स्वीकार करना या अस्वीकार करना मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का विशेषाधिकार है। मलिक की गिरफ्तारी के बाद से भाजपा उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग कर रही है, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी ने इससे इनकार कर दिया है। विपक्षी दल की मांग पर राउत ने पत्रकारों से कहा, कि केंद्र की सत्ता पर काबिज भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए केन्द्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करती है और उसके जरिए हमारे मंत्रियों को गिरफ्तार करवाती है और फिर उनके इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन करती है। यह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का विशेषाधिकार है कि वह इस्तीफा स्वीकार करें या अस्वीकार। शिवसेना सांसद ने कहा कि जैसे भाजपा राजनीति कर रही है, हम भी कुछ राजनीतिक कदम उठाएंगे।’’
 

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