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BJP कार्यकर्ताओं ने सुजय विखे पाटिल का किया विरोध, फडणवीस ने बीच में छोड़ी मीटिंग

March 12th, 2019 00:51 IST
BJP कार्यकर्ताओं ने सुजय विखे पाटिल का किया विरोध, फडणवीस ने बीच में छोड़ी मीटिंग

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस के दिग्गज नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल के बेटे डा. सुजय विखे पाटिल बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। इससे नाराज अहमदनगर से बीजेपी सांसद दिलीप गांधी के समर्थकों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने सुजय विखे के विरोध में जमकर नारेबाजी की। बीजेपी कार्यकर्ताओं की इस हरकत से सीएम फडणवीस बेहद नाराज हुए और बिना कुछ बोले पार्टी की बैठक से चले गए। 

सोमवार को दादर स्थित मुंबई बीजेपी कार्यालय, वसंत स्मृति में लोकसभा चुनाव के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया था। बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी पहुंचे थे। यहीं पर सांसद दिलीप गांधी के कुछ समर्थकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। समर्थकों ने मुख्यमंत्री से गांधी को दोबारा टिकट देने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी के साथ कोई भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। 

इसके बाद मुख्यमंत्री जब अपनी कैबिन से बाहर निकले तो दिलीप गांधी समर्थकों ने गांधी के पक्ष में नारेबाजी शुरु कर दी और दबाव बनाने के लिए धरने पर बैठ गए। इससे मुख्यमंत्री नाराज हो गए। पार्टी नेताओं ने धरने पर बैठ कार्यकर्ताओं को उठ जाने को कहा। लगभग 250 से अधिक गांधी समर्थक मुंबई स्थित बीजेपी कार्यालय आए थे। इसमें अहमदनगर मनपा के बीजेपी नगरसेवक, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य और कार्यकर्ता शामिल थे। 

बीजेपी सांसद दिलीप गांधी के समर्थकों का कहना था कि हमारा सुजय विखे पाटील को बीजेपी में शामिल करने को लेकर विरोध नहीं है, लेकिन वह पहले बीजेपी में आकर पांच साल काम करें। इसके बाद वह टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश करें। इस बार तो टिकट हमारे सांसद गांधी को ही मिलना चाहिए। यदि पार्टी सुजय विखे पाटील को टिकट देती है, तो हम उनके लिए काम नहीं करेंगे और इस सीट पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ेगा। वहीं कुछ समर्थकों का कहना था कि सुजय विखे पाटील अपने निजी स्वार्थ के लिए बीजेपी में शामिल होना चाह रहे हैं। 

भाजपाई बन सकते हैं सुजय विखे पाटिल
बता दें कि अहमदनगर लोकसभा सीट को राकांपा द्वारा कांग्रेस के लिए न छोड़ जाने के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता सुजय विखे पाटील ने अब भाजपा में शामिल होने का मन बना लिया है। सूत्रों के अनुसार सुजय मंगलवार को मुंबई में भाजपा में शामिल हो सकते हैं। सोमवार को पुणे मे राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने फिर साफ किया कि अहमदनगर सीट राकांपा नहीं छोड़ेगी। दरअसल पवार और विखे पाटील की राजनीतिक अदावत काफी पूरानी है। जिसके चलते राकांपा यह सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंचेगी बीजेपी
लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर प्रदेश भाजपा ने सोमवार को बैठक की। मुंबई भाजपा कार्यालय में लोकसभा चुनाव-2019 के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें पार्टी के 25 लोकसभा क्षेत्रों के विस्तारक, लाभार्थी प्रमुख और अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। पार्टी लोकसभा विस्तारकों और लाभार्थियों के जरिए केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पाने वाले लाभार्थियों तक पहुंचेगी। बैठक में दिल्ली से आए पार्टी के पदाधिकारी ने लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता की बारिकियों और चुनाव प्रचार की रणनीति पर चर्चा की। बैठक को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रावसाहब दानवे ने भी संबोधित किया। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।