दैनिक भास्कर हिंदी: जीएसटी की जटिलता अब रोजगार देगी केंद्र सरकार करायेगा जीएसटी प्रैक्टिशनर्स की परीक्षा

December 4th, 2018

डिजिटल डेस्क, भोपाल। देश में जीएसटी कानून तो लागू हो गया परन्तु इसकी जटिलताओं से सभी व्यवसाई परेशान रहते हैं। इसी जटिलता को देख मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इसे गब्बर सिंह टैक्स नाम देते हैं। लेकिन अब यही जटिलता लाखों व्यक्तियों को रोजगार देगी। केंद्र सरकार जीएसटी प्रैक्टिनशनर्स बनने के लिये इसकी परीक्षा आयोजित करेगा तथा इस परीक्षा को मात्र 50 प्रतिशत अंक लेकर उत्तीर्ण करने वाले जीएसटी प्रैक्टिनशनर्स बन जायेंगे तथा व्यवसाय कर सकेंगे। मप्र सरकार ने सोमवार को जीएसटी प्रैक्टिनशनर्स बनने के लिये राज्य जीएसटी कानून 2017 के तहत बने राज्य जीएसटी नियम 2017 में संशोधन जारी कर इसका नया प्रावधान किया है। इसे पूरे राज्य में प्रभावशील कर दिया गया है। नये नियमों में कहा गया है कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नारकोटिक्स अकादमी इस परीक्षा का संचालन करेगी। यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित होगी। जीएसटी प्रैक्टिनशनर्स परीक्षा में शामिल होने के लिये व्यक्ति को पोर्टल पर अपना नाम आनलाईन रजिस्टर कराना होगा और निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।

नये नियमों में बताया गया है कि जीएसटी प्रैक्टिनशनर्स की परीक्षा के केंद्र देश के अभिहित केन्द्रों पर आयोजित की जायेगी। अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र का चयन कर सकेगा। अभ्यर्थी को पोर्टल पर अपना नाम रजिस्टर कराने के बाद दो साल के अंदर यह परीक्षा उत्तीर्ण करना होगी। इन दो सालों में वह चार बार परीक्षा में बैठ सकेगा। यह परीक्षा कम्प्यूटर आधारित होगी। इसमें बहुविकल्पी प्रश्नों से मिलकर बना एक ही प्रश्न-पत्र होगा। अभ्यर्थी को कुल अंकों में से पचास प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरुरी होगा तभी वह उत्तीर्ण माना जायेगा। नियमों में कहा गया है कि राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नारकोटिक्स अकादमी परीक्षा के संचालन के एक माह के भीतर अपने पोर्टल पर परीक्षा परिणामों की घोषणा करेगी। परीक्षा की अवधि ढाई घण्टे की होगी। इसमें अंग्रेजी एवं हिन्दी में सौ वस्तुनिष्ट यानि बहुविकल्पी सवाल किये जायेंगे। प्रश्न-पत्र 200 अंकों का होगा तथा अर्हताकारी अंक सौ होंगे। नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी अर्थात सवाल का गलत उत्तर देने पर अंक नहीं कटेगा। इस परीक्षा के पाठ्यक्रम में देश एवं राज्यों के सभी जीएसटी कानून एवं नियम, आदेश एवं परिपत्र रखे गये हैं।

इनका कहना है 
जीएसटी प्रैक्टिशनर बनने के लिये अब परीक्षा आयोजित होगी। पहले राज्य में वैट लागू था परन्तु इसका प्रैक्टिशनर बनने के लिये कोई परीक्षा आयोजित नहीं होती थी। - एसडी रिछारिया, उप सचिव, वाणिज्यिक कर,मप्र