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एक गांव ऐसा जहां तेजी से फैल रहा कैंसर, विशेषज्ञ जुटा रहे जानकारी

February 09th, 2019 15:53 IST
एक गांव ऐसा जहां तेजी से फैल रहा कैंसर, विशेषज्ञ जुटा रहे जानकारी

डिजिटल डेस्क,टीकमगढ़/बल्देवगढ़। चौकिए नहीं...! मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले अंतर्गत आने वाली बल्देवगढ़ जनपद क्षेत्र के ज्यादातर गांवों में कैंसर के मरीजों की संख्या लगतार बढ़ती जा रही है। करीब 100 किमी में फैले इस जनपद की आबादी लगभग 1 लाख से ज्यादा है। इनमें हजारों लोग ऐसे हैं, जो कैंसर की बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। कई लोग कैंसर की चपेट में आकर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। वहीं कई ऐसे भी हैं, जो अपने परिजनों का इलाज कराकर पूरी संपत्ति गंवा चुके हैं। अब इस इलाके के लोग यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर यह बीमारी तेजी से क्यों बढ़ रही है।
तंबाकू और दूषित खान-पान बन रहा कारण-
नगर पंचायत बल्देवगढ़ एवं नजदीकी ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर से पीडित लोग ज्यादातर देखे जा रहे हैं। जनपद के जिनागढ़, बनेरा, देवरदा से लगे आधा दर्जन गांवों में बड़ी संख्या में कैंसर से पीडित लोग हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इन गांवों में पीने का शुद्ध पानी नहीं मिलता। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल टावरों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। टॉवर के रेडिएशन से भी इस बीमारी की संभावना बढ़ रही है। कैंसर के अलावा लोगों को पथरी, पाइल्स की बीमारियां भी होने लगी हैं। इस बारे में डॉक्टर सीपी सुडेले ने बताया की क्षेत्र में लीवर सिरोसिस, मुंह का कैंसर, बच्चेदानी का कैंसर, स्तन कैंसर, ब्लड कैंसर फैल रहा है। उन्होंने बताया कि मुंह का कैंसर गुटखा-तंबाकू के कारण तेजी से फैल रहा है। वहीं महिलाओं में यह बीमारी दूषित खानपान और समय पर इलाज न मिल पाने के कारण बढ़ रही है। स्थानीय लोगों ने इस बीमारी को लेकर सर्वे कराए जाने की मांग की है।
पांच साल से जूझ रही आदिवासी महिला-
बनेरा गांव की पूना आदिवासी ने बताया कि मैं 5 सालों से इस बीमारी से जूझ रही हूं। अब मेरे शरीर में खून पानी बनने लगा है। हमारी आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से इलाज तक नहीं करवा पा रही हूं। पीडि़ता ने बताया कि पांच साल पहले मेरी शादी रामनगर गांव में हुई थी, लेकिन इस बीमारी के कारण पति ने छोड़ दिया। पति ने दूसरी जगह शादी कर ली। वहीं बीमारी के कारण अब पूना आदिवासी की स्थिति बेहद खराब है। वह चलने-फिरने में भी असमर्थ हो गई है।
पिता की बीमारी का कर्ज चुका रहा बेटा
नगर के अस्पताल मोहल्ला निवासी संतु सेन ने बताया कि मेरे पिता पूरन सेन को गले में कैंसर था। उनका इलाज मुंबई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल कराया। करीब 4 से 5 लाख रुपए कर्ज लेकर उनका इलाज कराया। अंत में 42 साल की उम्र में उनका देहांत हो गया। संतु ने बताया कि मेरे घर में आय का कोई साधन नहीं है। जमीन, नौकरी कुछ भी नहीं है। अब सेविंग की दुकान से किसी तरह लोगों का कर्ज चुका रहा हूं। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर के अस्पताल मोहल्ला में 5-6 लोग कैंसर से पीडि़त हैं। जिसमें से 3 लोगों की मौत हो चुकी है।
अधिकारियों को भेजकर निरीक्षण कराएंगे-
इस मामले में संभागीय कमिश्नर मनोहर दुबे का कहना है कि अगर छोटे से इलाके में बड़े पैमाने पर कैंसर के मरीज हैं तो यह निश्चित तौर पर जांच का विषय है। जल्द ही अधिकारियों की टीम भेजकर सर्वे कराया जाएगा। क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर के साथ पीने के पानी और मोबाइल टॉवरों का भी पता लगाया जाएगा। जो बीमारी से जूझ रहे हैं, उनके लिए शासन से मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
ये भी कैंसर से पीडि़त
1- कैलपुरा निवासी 48 वर्षीय महेंद्र नामदेव इस बीमारी से पीडित है। उनका टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई में इलाज चल रहा है।
2- गुड्डी पति टीपू रैकवार 35 निवासी मिश्रा मोहल्ला का ग्वालियर कैंसर हॉस्पिटल और एम्स दिल्ली में इलाज चला। अब डॉक्टरों ने मना कर दिया है।
3- बल्देवगढ़ निवासी हरिराम चौरसिया की कैंसर से मौत हो गई है।
4- कैलपुरा गांव में 4 और बनेरा गांव में 7 लोग कैंसर से पीडि़त हैं।
5- देवरदा गांव में 4, सेवार में 2, लखेरी में 2 कैंसर से पीडि़त हैं।

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