दैनिक भास्कर हिंदी: CBI का दावा : सिर्फ पब्लिसिटी के लिए अमित शाह के खिलाफ दायर हुई है याचिका

September 18th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। CBI ने बाम्बे हाईकोर्ट में दावा किया है कि सोहराबुद्दीन मामले से दोष मुक्त किए गए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ याचिका प्रचार पाने के लिए दायर की गई है। यह याचिका बाम्बे लॉयर एसोसिएशन ने दायर की है। जिसमें CBI को शाह को इस मामले से मुक्त किए जाने के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती देने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है।

मंगलवार को यह याचिका जस्टिस आरवी मोरे व जस्टिस भारती डागरे की खंडपीठ के सामने सुनवाई के लिए आयी। इस दौरान CBI की ओर से पैरवी कर रहे एडिशनल सालिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा कि इस विषय पर पहले तीन याचिकाएं दायर की गई थी। इसमे से एक याचिका सोहराबुद्दीन के भाई रबाबुद्दीन ने दायर की थी जिसे बाद में उसने वापस ले लिया। इसके बाद दो अन्य लोगों ने इसी प्रकरण को लेकर याचिका दायर की थी जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। यह चौथी याचिका है जिसमें फिर से वहीं मांग की गई है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले को कायम रखा है। लिहाजा मौजूदा याचिका सुनवाई योग्य नहीं है । यह याचिका लोकप्रियता व प्रचार पाने के लिए दायर की गई है। 

इस पर याचिकाकर्ता के वकील अहमद अब्दी ने कहा कि सोहराबुद्दीन मामले को लेकर CBI ने भेदभावपूर्ण रुख अपनाया है। CBI ने कुछ लोगों को दोष मुक्त किए जाने के निर्णय को चुनौती दी लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दोषमुक्त किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील नहीं की। हम चाहते हैं कि दूसरे आरोपियों तरह की शाह के खिलाफ भी CBI समान रुख अपनाए। 

इस याचिका में शाह को मामले से मुक्त करनेवाले न्यायाधीश को भी पक्षकार बनाया गया था। इस पर खंडपीठ ने पूछा कि न्यायाधीश को इस मामले में क्यों प्रतिवादी बनाया गया है? कोर्ट की आपत्ति के बाद अधिवक्ता अब्दी ने कहा कि वे न्यायाधीश का नाम हटाने को तैयार हैं। इसके बाद खंडपीठ ने एडिशनल सालिसिटर जनरल सिंह ने कहा कि वे इस मामले में कोर्ट की ओर से दिए गए सभी आदेश की प्रति पेश करें। मामले की सुनवाई 3 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी गई है। 

 

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