छत्तीसगढ़: पड़ोसी राज्य अपनाएंगे छत्तीसगढ़ का नक्सल उन्मूलन माडल

September 27th, 2022

डिजिटल डेस्क, रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले चार वर्षों में नक्सली घटनाओं में कमी आई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, नक्सलियों का जमावड़ा सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले के कुछ इलाकों तक सिमट गया है। ओडिशा और तेलंगाना सीमा पर नक्सलियों को रोकने में फोर्स सफल हुई है।

एक दिन पहले ही पूर्वी क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक में छत्तीसगढ़ माडल पर आगे बढ़ने की रणनीति पर विचार किया गया। छत्तीसगढ़ में फोर्स ने पहले धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस कैंप खोले, फिर विकास के लिए अंदरूनी इलाकों में सड़क का निर्माण किया। अब कैंप में राशन दुकान, एटीएम सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड अब इसी माडल पर आगे बढ़ेंगे।

एंटी नक्सल आपरेशन के आला अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी राज्य भी अंदरूनी इलाकों में कैंप खोलकर विकास को पहुंचाने की तैयारी में हैं। प्रदेश में पिछले चार वर्षों में सबसे ज्यादा कैंप खोले गए। इससे नक्सली वारदातो में कमी आई है। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से सड़क का निर्माण किया जा रहा है। मोबाइल टावर भी लगाए जा रहे हैं। इससे कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है।

मोबाइल फोन गांव तक पहुंचने के बाद पुलिस के पास खुफिया सूचना आसानी से पहुंच रही है। इससे नक्सलियों के जमावड़े पर पूरी योजना बनाकर कार्रवाई की जा रही है। सरकार की योजनाओं के पहुंचने के कारण आदिवासियों में भरोसा जगा है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्र में नक्सलियों की पैठ कमजोर हुई है।