दैनिक भास्कर हिंदी: चित्रकूट जुड़वां भाई हत्याकांड - फोरेंसिक एक्सपर्ट ने आरोपियों के लिए वाइस सेम्पल

March 2nd, 2019

डिजिटल डेस्क,सतना। चित्रकूट में जुड़वां मासूम भाइयों के अपहरण और फिर उनकी निर्मम हत्या करने के मामले में शुक्रवार को रीवा की फोरेंसिक एक्सपर्ट सतना पहुंचकर वारदात में शामिल सभी छ: आरोपियों के वाइस सैम्पल लिए। जबकि सतना की एफएसएल टीम भी साक्ष्य जुटाने के लिए उन स्थानों तक पहुंची जिनका इस्तेमाल इस घटना के दौरान किया गया था। घटनास्थलों से उठाए गए तमाम नमूने फोरेंसिक लैब सागर भेजे जाएंगे जबकि और आरोपियों के वाइस सेम्पलों की जांच भोपाल स्थित एफएसएल की रीजनल लेबोरेटरी में होगी। इधर, आरोपियों के पुलिस रिमाण्ड के 4 दिन पूरे हो गए। आज एक बार फिर आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
फोरेंसिक की दो टीमों ने किया काम
रीवा एफएसएल के सब इंस्पेक्टर जाम सिंह चोगड़ एवं उनके सहयोगी राज बहोर शर्मा मझगवां पहुंचे और वहां उन्होंने आरोपियों के वाइस सेम्पल लिए। इनका मिलान फिरौती के लिए आए कॉल की रिकॉर्डिंग से किया जाएगा। जबकि सतना की एफएसएल टीम की ओर से डॉ. महेन्द्र सिंह तथा सहयोगी अनिल विश्वकर्मा, मुकेश यादव आज घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न स्थानों तक पहुंची और वहां मौजूद फिंगर प्रिंट समेत अन्य साक्ष्यों के नमूने उठाए। एफएसएल टीम ने जानकीकुण्ड स्थित आलोक सिंह तोमर के घर जहां बच्चे रखे गए थे, पदम शुक्ला जहां से ग्लैमर बाइक बरामद की गई थी, अतर्रा में बच्चों को बंधक बनाकर रखा गया था और औगासी घाट जहां से मासूमों के शव बरामद हुए थे वहां पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। सभी नमूनों की ड्रॉफ्टिंग की गई। अब इन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब सागर भेजा जाएगा।
सागर की टीम ने लिया था डीएनए सेम्पल
बता दें कि मासूमों के शव मिलने के बाद फोरेंसिक लैब सागर से डीएनए एक्सपर्ट डॉ. अनिल सिंह भी अपने दो सहयोगियों के साथ घटनास्थलों का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए थे। जानकारों का कहना है कि डॉ. सिंह ने मासूम बच्चों से लेकर आरोपियों तक के डीएनए सेम्पल एकत्रित किए हैं। यह टेस्ट भी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने में सहायक सिद्ध होंगे।