दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर के युवा ने बनाया म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट ‘स्वरले और काहौन’

September 18th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। यहां युवा फिल्मों से लेकर हर क्षेत्र में आगे आ रहे हैं। अब म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट भी बना रहे हैं। ऐसे ही हैं परविंद सिंह डडियाल, जिन्होंने हजारी पहाड़  स्थित मेकर्स अड्डा और अलग एंगल से प्रेरणा लेकर ‘स्वरले और काहौन’ इंस्ट्रूमेंट तैयार किया है। स्वरले को काहौन इंस्ट्रूमेंट से प्रेरित होकर बनाया गया है। काहौन पेरू का म्यूजिकल इंस्ट्रूमेट है। स्वरले को काहौन  और इंडियन वाद्य यंत्रों के साथ मिलाकर तैयार किया गया है।  नया इंस्ट्रूमेंट बनाने से लेकर खुद की धुनें तक डडियाल ने तैयार किए हैं। परंपरागत संगीत को बचाने में स्वराले की भूमिका को स्पष्ट करते हुए डडियाल कहते हैं कि स्वराले, म्यूजिक के साथ सहज है और इसकी मदद से म्यूजिक अनूठा होता जा रहा है। आज के युवा वेस्टर्न म्यूजिक और कल्चर के दीवाने हैं। वे अब हैंडपेन व हैंगड्रम भी बना रहे हैं, जो ड्रम जैसा दिखता है। यह भी प्लाई से ही बना है। इसके अलावा परविंदर सिंह डडियाल अभी भी लगातार नए प्रयोगों पर काम कर रहे हैं। वे इंस्ट्रूमेंट को बनाना भी सिखाते हैं।

ऐसा है काहौन
डडियाल का कहना है कि काहौन बनाने में काफी वक्त लगा, क्योंकि इसके लिए रिसर्च करना पड़ा। यह एक बॉक्स शेप्स इंस्ट्रूमेंट है, जिसे काहौन कहा जाता है। इसे बनाने में मेकर्स अड्डा ने मदद की है। हाल ही में डडियाल ने इंडियन आर्मी के लिए धुनें बजाईं। परविदंर इसके अलावा हैंडपेन भी बना रहे हैं। जल्द ही वे अफ्रीकन और इंडियन इंस्ट्रूमेंट को मिलाकर एक नया वाद्य यंत्र बनाने वाले हैं। वे ग्राम आर्ट प्रोजेक्ट का हिस्सा भी हैं। डडियाल के अनुसार काहौन मजबूत किस्म के पाइन वुड और एलन पिन्स से बना है। इसे हवा की मदद से बजाया जाता है। इसे बजाना बेहद आसान है।

हर कोई बजा सकता है
परविंदर सिंह ने बताया कि वे एक बैंड के सदस्य हैं और इसके जरिए ओरिजिनल म्यूजिक लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। इस बैंड की खासियत है कि ये डिजिटल म्यूजिक का इस्तेमाल नहीं करते हैं। बीजोत्सव में फेस्ट में इसे सबके सामने प्रदर्शित किया। काहौन ऐसा वाद्य यंत्र है, जिसको हर कोई बजाना सीख सकता है।