दैनिक भास्कर हिंदी: 30 हजार शिक्षकों, कर्मचारियों के वेतन का रास्ता साफ : शिक्षामंत्री का ऐलान

November 29th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल और कक्षाओं में पढ़ाने वाले लगभग 30 हजार शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को वेतन अनुदान मिलने का रास्ता साफ हो गया है। बुधवार को विधान परिषद में प्रदेश के शिक्षा मंत्री विनोद तावडे ने संबंधित स्कूलों को अनुदान देने की घोषणा की। इस फैसले से सरकार की तिजोरी पर लगभग 275 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। तावडे ने कहा कि राज्य में अघोषित (गैर-मूल्यांकित) प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च मााध्यमिक स्कूल और कक्षाओं तथा कार्यात्तर मंजूरी की शर्त को शिथिल करने पर पात्र होने वाले उच्च माध्यमिक स्कूल, घोषित (मूल्यांकित) उच्च माध्यमिक स्कूल और कक्षाओं को अनुदान देने का फैसला किया गया है। इसके तहत 1279 स्कूल और 1867  कक्षाओं के 9 हजार 901 शिक्षक, 411 शिक्षकेत्तर और 11 पार्ट टाइम शिक्षकों को वेतन का लाभ मिल सकेगा। 

तावडे ने कहा कि राज्य सरकार के 19 सितंबर 2016 के आदेश के अनुसार 20 प्रतिशत अनुदान प्राप्त स्कूलों और कक्षाओं को अब और 20 प्रतिशत अुनदान देने का निर्णय लिया गया है। इससे 1 हजार 628 स्कूल और 2 हजार 452 कक्षाओं में पढ़ाने वाले 14 हजार 363 शिक्षक और 4 हजार 884 शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को कुल 40 प्रतिशत वेतन मिलेगा। इसके अतिरिक्त निजी अनुदानित स्कूलों के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को अनुदान देने के संबंध में अगले 15 दिनों में राज्य मंत्रिमंडल में प्रस्ताव पेश किया जाएगा। तावडे ने कहा कि शिक्षक और शिक्षेकत्तर कर्मचारियों को अनुदान देने संबंधी प्रशासकीय कार्यवाही अगले दो महीने में पूरी की जाएगी।   

मथाडी कामगारों के सामने झुकी सरकार, वापस लिया विधेयक
उधर मथाडी कामगारों के हड़ताल के चलते दबाव में आई सरकार ने विधान परिषद में पेश कृषि उत्पन्न बाजार समितियों (एपीएमसी) से संबंधित महाराष्ट्र कृषि उत्पन्न विपणन (विकास व विनियमन) अधिनियम संशोधन विधेयक को वापस ले लिया। बुधवार को सदन में सहकारिता व विपणन मंत्री सुभाष देशमुख ने विधेयक को वापस लेने का प्रस्ताव सदन में रखा। जिस पर सदन में मंजूरी के बाद विधेयक को सरकार ने वापस ले लिया। इस पर विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि विधेयक के विरोध में माथाड़ी कामगार हड़ताल पर चले गए थे। इस कारण सरकार पर विधेयक वापस लेने की नौबत आई है। हमने पहले ही विधेयक का विरोध किया था। विधेयक वापस लेने से माथाड़ी कामगारों पर से बड़ा संकट टल गया है। मंगलवार को इस विधेयक को विधानसभा में पारित किया गया था। 

क्या है मामला
प्रदेश में नई मुंबई समेत कई कृषि बाजार समितियों के माथाड़ी कामगार ने संबंधित  विधेयक के विरोध में हड़ताल पर चले गए थे। माथाड़ी कामगारों ने बाजार समितियों को ई-नाम प्रणाली से जोड़ने, बाजार समितियों के कार्यक्षेत्र समिति करने समेत अन्य प्रावधानों का विरोध किया था। हड़ताल के चलते मुंबई में सब्जियां मिलने मुश्किल हो गई थी। इसे देखते हुए सरकार ने विधेयक को वापस लेने का फैसला किया। राज्य की 60 बाजार समितियों में ई-नाम योजना शुरू है। 

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