दैनिक भास्कर हिंदी: राहत की तस्वीर: मनमुटाव की खबरों पर लगा विराम ! संघ नेताओं के बीच केशव-योगी की मुलाकात का क्या था संदेश

June 23rd, 2021

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बीच मनमुटाव की खबरों पर विराम लग चुका है। संघ नेताओं की मौजूदगी के बीच सीएम योगी केशव प्रसाद से उनके आवास पर मिले। इस मुलाकात के बाद सीएम और डिप्टी की एक तस्वीर सामने आई है। जो भाजपा के लिए राहत देने वाली है। 

दरअसल, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और सीएम योगी के बीच मनमुटाव की खबरें दिल्ली दरबार तक पहुंच चुकी थीं। पिछले हफ्ते ही केशव प्रसाद ने कहा था कि 2022 में यूपी में सीएम का चेहरा दिल्ली से ही तय होगा। इसका फैसला हाईकमान को ही करना है। इस बयान को पिछले चुनाव से पहले भाजपा में आए स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी दोहराया। लेकिन, अपने विरोध के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अडिग रहे। उन्होंने न तो राज्य में कैबिनेट विस्तार की बात स्वीकारी और न ही विरोधियों के प्रति कोई लचीलापन दिखाया। वहीं, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक टीवी चैनल को बयान देते हुए कहा था कि यूपी चुनाव योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा।

योगी-मौर्य के बीच चल रहे मनमुटाव को दूर करने का जिम्मा राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने उठाया। भाजपा संगठन व सरकार में बदलाव की मंद पड़ चुकी अटकलों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संघ के बड़े नेता सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मंगलवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के घर पर आयोजित भोज पर पहुंचे थे। हालांकि, ये भोज सियासी चर्चा के लिए नहीं किया गया। बल्कि केशव प्रसाद के नवविवाहित पुत्र व पुत्रवुध को आशीर्वाद देने के लिए था। सियासी हलके में इसे कार्यकर्ताओं में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश के साथ ही मान- मनोबल की रणनीति माना जा रहा है। 

केशवप्रसाद मौर्य ने अपने ट्विटर अकाउंट पर जो फोटोज शेयर की हैं। उन्हें भाजपा के लिए राहत की तस्वीर माना जा रहा है। दोपहर के इस भोज पर योगी आदित्यनाथ, केशव मौर्य के घर पहुंचे तो वहां पार्टी और संघ के कई वरिष्ठ चेहरे भी मौजूद थे। इन्हें इस तस्वीर में देखा जा सकता है। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, डॉ कृष्णगोपाल, उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे.यह तस्वीर भाजपा, राज्य सरकार और संघ के परस्पर समन्वय और एकजुटता की तस्वीर बन गई है. भाजपा को और सीएम योगी को इस तस्वीर का इंतज़ार था।दरअसल, भाजपा को यह भी समझ आया कि दोनों तरफ की तनातनी को लंबा खींचने से पार्टी का ही नुकसान हो रहा है। समाधान के प्रयास कहीं अस्थिरता और छवि को औऱ खराब न करें, इसके लिए ज़रूरी था कि तत्काल अस्थिरता को खत्म किया जाए।