राहत : औष्णिक विद्युत केंद्रों में पहुंचा कोयला

October 12th, 2021

डिजिटल डेस्क,नागपुर। बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। औष्णिक विद्युत केंद्रों तक धीरे-धीरे ही सही, कोयला पहुंच रहा है। कोराडी औष्णिक विद्युत केंद्र में डेढ़ दिन से ज्यादा व खापरखेड़ा में करीब डेढ़ दिन का कोयला हैै। फिलहाल दोनों ही केंद्रों में बिजली उत्पादन बाधित नहीं हुआ है। नागपुर जिले की बिजली की जितनी मांग है, उसमें फिलहाल कोई कटौती नहीं होगी।

अभी बिजली उत्पादन पर असर नहीं
कोयले के संकट के बीच महानिर्मिति की तरफ से औष्णिक विद्युत केंद्रों में उपलब्ध कोयले के स्टॉक की जानकारी दी गई है। कोराडी में डेढ़ दिन से ज्यादा आैर खापरखेड़ा में करीब डेढ़ दिन का कोयला उपलब्ध है। इन दो केंद्रों में अभी तक बिजली उत्पादन पर कोई असर नहीं हुआ है। वेकोलि से कोयले की आपूर्ति हो रही है। निजी कंपनियों, एनटीपीसी व महानिर्मिति से महावितरण बिजली खरीद रहा है। नागपुर जिले की बात करें तो आैसतन 500 मेगावाट बिजली लगती है और इतनी बिजली उपलब्ध हो रही है। फिलहाल लोडशेडिंग जैसे सख्त निर्णय लेने की जरूरत महसूस नहीं हो रही। ऊर्जा विभाग नेे लोडशेडिंग करने का आदेश नहीं दिया है।

राज्य में 19200 मेगावाट से ज्यादा बिजली की मांग
नागपुर समेत राज्य में 19,200 मेगावाट से ज्यादा बिजली की मांग रही और उतनी बिजली की आपूर्ति हुई। औष्णिक विद्युत केंद्रों में उत्पादित बिजली सेंट्रल ग्रिड को जाती है। वहां से बिजली डिस्पैच सेंटर जाकर हर जिले में आपूर्ति होती है। कोराडी व खापरखेड़ा केंद्र की बिजली नागपुर जिले को मिलेगी, ऐसा नहीं है। सेंट्रल ग्रिड से बिजली डिस्पैच सेंटर जाकर राज्य भर में आपूर्ति होती है।

 

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