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नागपुर के आम स्टैंर्डड, 5 सैंपल की रिपोर्ट नार्मल

नागपुर के आम स्टैंर्डड, 5 सैंपल की रिपोर्ट नार्मल

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  खाद्य व औषधि विभाग की ओर से शहर में बिकनेवाले आम के 5 सैपल मई माह के शुरूआत में जांच के लिए भेजे गये थे जिसकी रिपोर्ट स्टैर्ण्डड आई है। ऐसे में नागपुरियंस के लिए आम खाना पूरी तरह सुरक्षित रहने की बात से इंनकार नहीं किया जा सकता है।

भले ही कोरोना के कारण इन दिनों जनजीवन प्रभावित है। लेकिन सब्जी व फलों पर इसका असर कम ही पड़ा है। ऐसे में इन दिनों मई के पहले से बाजार में बड़े पैमाने पर आम आये हैं। इनमें दशहरी, चौसा, बादामी, लंगडा, तोतापरी, केसर, हापूस, बैगनफल्ली आदि प्रजाति शामिल है। नागपुर में इनमें आधे से ज्यादा प्रजाति के आम मिलते हैं। जो कि तेलगांना, गुजरात, यूपी आदि दिशा से आने के साथ नागपुर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी आते हैं। शहर का मुख्य बाजार  कलमना मार्केट है, यहीं पर उक्त दिशाओं से पहले आम लाये जाते है, यहीं से छोटे विक्रेता शहरभर में आम बेचते हैं।

गर्मी के दिनों में आम रस के लिए पके आम की मांग भी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।  कई छोटे व्यवसायी इसका जूस बेचकर जीवनयापन करते हैंं। बहुत ज्यादा मांग रहने से कुछ व्यवसायी ज्यादा मुनाफा पाने के लिए आम को घातक पदार्थ से पकाते हैं। जिसे खाने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसी संदेह में खाद्य व औषधि विभाग ने गत 20 दिन पहले नागपुर के कलमना मार्केट से कुल 5 प्रकार के आमों के सैपल जांच के लिए लेबोरेटरी भेजे थे, जिसकी रीपोर्ट गुरूवार को आई है। अधिकारियों की माने तो रिपोर्ट में आम को सही तरीके से पकाने की बात सामने आई है। साथ ही इसे खाना पूरी तरह सुरक्षित रहने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।

बता दे, कि आम को पकाने के लिए इथेनॉल की पुड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है। इथेनाल असली है या नकली इसके माध्यम से पकाये जानेवाले आम खाने के लिए सुरक्षित हैं, या नहीं आदि संदेह रहने से पर एफडीआई ने यह जांच चलाई थी। इसके अलावा बहुतांश दुकानदार सस्ता पड़ने के कारण  कार्बाइड से भी आम को पकाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह से पकाये आम खाना सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है। ऐसे में एफडीए ने इस बार पांच सैंपल टेस्ट के लिए भेजे थें। जिसकी रिपोर्ट नॉर्म आई है

हमारी ओर से कलमना मार्केट से पांच आम के सैंपल जांच के लिए भेजे गये थे। जिसकी रिपोर्ट स्टैर्ण्डड आई है। इसे खाना सेहत के लिए कोई नुकसानदेय नहीं है। --  अभय देशपांडे, साहायक आयुक्त, खाद्य व औषधि विभाग 

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