दैनिक भास्कर हिंदी: इलेक्शन ड्यूटी को लेकर पुलिस मुख्यालय में हंगामा, लेन-देन का आरोप

April 24th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। नागपुर में चुनाव बंदोबस्त की ड्यूटी के अलावा स्ट्रांग डयूटी में एक माह से तैनात पुलिस जवानों को नांदेड़ में चुनाव बंदोबस्त के लिए भेजने की बात को लेकर शहर पुलिस मुख्यालय जमकर हंगामा हुआ। पुलिस कर्मियों की मांग थी कि जिन पुलिस जवानों को चुनाव बंदोबस्त या स्ट्रांग डयूटी पर तैनात नहीं किया गया था, उन्हें ही चुनाव बंदोबस्त के लिए बाहर भेजना चाहिए। चर्चा है कि पुलिस मुख्यालय के ड्यूटी मुंशी ने उन्हीं जवानों के नामों की सूची नांदेड़ भेजने के लिए निकाली है, जो इलेक्शन बंदोबस्त व स्ट्रांग ड्यूटी कर चुके थे। 

बात छिपाने की कोशिश
शहर में लोकसभा चुनाव बंदोबस्त के मद्देनजर थाने और पुलिस मुख्यालय के जवानों को इलेक्शन बंदोबस्त के लिए तैनात किया गया था। नागपुर का चुनाव समाप्त होने के बाद 500 पुलिस जवानों को नांदेड़ भेजा जाने वाला था। सूत्रों के अनुसार, इसी बात को लेकर गत दिनों शहर पुलिस मुख्यालय में अच्छा खासा हंगामा हुआ। यह बात मुख्यालय परिसर से बाहर न जाए, इस बात का पूरा ख्याल भी रखा गया। 

एक माह यही ड्यूटी की
पीड़ित कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ड्यूटी मुंशी मनीष के कारण कर्मचारियों में नांदेड़ इलेक्शन बंदोबस्त में लेन-देन की गई, जिन लोगों ने यह नहीं किया, उन्हें नांदेड़ भेजने का आदेश दिया गया। सूत्र बताते हैं कि इनमें से कई पुलिसकर्मी करीब एक माह से स्ट्रांग ड्यूटी में तैनात थे।  

500 जवानों को भेजना था न्यायालय
पुलिस मुख्यालय के आरपीआई आर. पी. सिंह का कहना है कि उनके पास ऐसा कोई मामला नहीं आया। वैसे, पुलिस मुख्यालय में 2200 से अधिक पुलिस जवान हैं। हमारे पास पुलिस जवान रिजर्व में नहीं रहते हैं। जितने पुलिस जवान हैं, उन्हीं को अलग- अलग जगह से निकालकर बाहर बंदोबस्त के लिए भेजा जाता है। नांदेड़ में 500 पुलिस जवानों को भेजने का आदेश मिला था। इसमें से 200 पुलिस जवानों को थानों से बुलाया गया और 300 पुलिस जवानों को पुलिस मुख्यालय से तैयार कर कुल 500 जवानों को नांदेड़ में इलेक्क्शन भेजना था। 

पहले ही बना ली थी लिस्ट
सिंह ने यह भी कहा कि नांदेड़ में बंदोबस्त के लिए भेजने वाले जवानों के नामों की सूची पहले ही तैयार कर ली गई थी। पैसे के बलबूते पर नांदेड में इलेक्शन बंदोबस्त में भेजने की फालतू बातें हो रही हैं और इसे फैलाने की काेशिश की जा रही है। हंगामे की बात वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुकी है। मामले की जांच के आदेश मिले हैं। 

डॉ. के. व्यंकटेशम ने लिया था स्टेप
सूत्र बताते हैं कि तत्कालीन पुलिस आयुक्त डॉ. के. व्यंकटेशम ने पुलिस मुख्यालय के कुछ अधिकारियों के बारे में शिकायत मिलने पर उस समय जांच के आदेश दिए थे। इस दौरान कुछ अधिकारी लंबे समय के लिए अवकाश पर भी चले गए थे। यह अधिकारी तब वापस लौटे, जब उनका नागपुर शहर से पुणे में तबादला हो गया था। 

किसी ने कुछ नहीं बताया
सब बेकार की बातें हो रही हैं। ऐसा कुछ था तो  मुझे किसी ने कुछ क्यों नहीं बताया। अगर किसी को कोई परेशानी थी कि वह आकर मुझसे कह सकता था। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं , वह सारे आरोप गलत हैं। आदेश मिला है तो ड्यूटी पर जाना ही पड़ेगा। नागपुर में सभी ने इलेक्शन ड्यूटी किया है। किसी को बाहर भेजे जाने पर उसे ड्यूटी के लिए जाना ही पड़ेगा। 
- आर. पी. सिंह  आरपीआई, पुलिस मुख्यालय शहर 
 

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