दैनिक भास्कर हिंदी: जिप सदस्य सवालाखे से मारपीट, कांग्रेस नेता यादव के विरोध में शिकायत

July 6th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  जिला परिषद उपचुनाव के लिए उम्मीदवार तय होने के साथ ही कांग्रेस में विवाद सामने आने लगा है। सोमवार को नामांकन दर्ज कराने के आखिरी दिन जिला परिषद सदस्य दूधराम सवालाखे से मारपीट के आरोप में कांग्रेस नेता उदयसिंह यादव व उनके भाई रणवीर यादव के विरुद्ध पुलिस ने शिकायत दर्ज की है। इस मामले को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में कांग्रेस की गुटबाजी की राजनीति गर्माने के आसार हैं। 

थाने पहुंचा मामला : सवालाखे कांग्रेस के ही जिप सदस्य हैं। वे नगरधन भंडारबोडी सर्कल से चुनाव जीते हैं। उदयसिंह यादव ग्रामीण कांग्रेस के महासचिव हैं। 2019 में वह रामटेक विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार थे। सवालाखे व उनके वाहन चालक की ओर से पारसिवनी पुलिस थाने में दी शिकायत के अनुसार घटना शाम करीब 4 बजे की है। पारसिवनी कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के जिला अध्यक्ष राजेंद्र मुलक, प्रदेश महासचिव नाना गावंडे, जिप अध्यक्ष रश्मि बर्वे की उपस्थिति में मारपीट हुई। 

हिंसा के प्रयास का मामला
शिकायत के आधार पर उदयसिंह यादव सहित 6 आरोपियों के विरोध में हिंसा के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ चल रही है। आरंभिक तौर पर पता चला है कि नगरधन पंचायत समिति के लिए उम्मीदवार चयन को लेकर यह विवाद बढ़ा। 
-संतोष वैरागडे, पुलिस निरीक्षक पारसिवनी

बात ऐसे बढ़ी
कांग्रेस ने जिप की करंभाड सीट के लिए अर्चना भोयर व नयाकुंड पंचायत समिति के लिए मंगला निंबोने को उम्मीदवार बनाया है। आरोप है कि यादव बंधुओं ने इन उम्मीदवारों के नामों को लेकर विवाद किया। वे जिला अध्यक्ष मुलक पर पक्षपात का आरोप लगा रहे थे। उसी दौरान सवालाखे ने यादव बंधुओं की बातों का विरोध किया तो बवाल बढ़ गया। आरोप है कि रणवीर ने सवालाखे को थप्पड़ मारा। वह पास की टेबल पर गिर पड़े। कार्यकर्ताओं ने बचाव किया। सवालाखे को आंख के पास मामूली चोट आई है। उनका प्राथमिक उपचार पारसिवनी प्राथमिक अस्पताल में किया गया। बाद में मेडिकल अस्पताल नागपुर में भेजा गया। पारसिवनी थाने में धारा 324, 143, 146, 504,506 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। 

गुटबाजी के चलते मतभेद बढ़ा
उदयसिंह यादव व दूधराम सवालाखे रामटेक क्षेत्र में कांग्रेस की राजनीति में प्रभावी स्थान रखते हैं। 2019 के जिप चुनाव में सवालाखे के समर्थन में यादव ने प्रचार किया था, लेकिन संगठनात्मक गुटबाजी के चलते दोनों के बीच मतभेद बढ़ते गए। उदयसिंह यादव ने कहा है कि यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक है। उम्मीदवार को लेकर सवालाखे के साथ विवाद जरूर हुआ है, लेकिन कुछ नेता इस मामले को अलग मोड़ दे रहे हैं।

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